जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

जनेकृविवि में तीन दिवसीय सोयाबीन उत्पादन कौशल प्रशिक्षण संपन्न

जबलपुर दर्पण। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा की प्रेरणा एवं कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान के संचालक डॉ. मोनी थॉमस के मार्गदर्शन में किसानों की आय बढ़ाने हेतु खेती की नई-नई तकनीक एवं कृषि को लाभ का धंधा बनाने के उद्देश्य से कृषकों के लिये प्रशिक्षण एवं जानकारी समय-समय पर प्रदान की जाती है। इसी श्रंखला में जिला चन्द्रपुर, महाराष्ट्र के भद्रावती, बरोरा, चन्द्रपुर, बालापुर तहसील के 34 अंतर्राज्यीय कृषकों को कृषि व्यवसाय प्रबंधन संस्थान, जनेकृविवि में 3 दिवससीय सोयाबीन उत्पादन कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान सोयाबीन विषेषज्ञ डॉ. मनोज श्रीवास्तव, वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. संजय सिंह, कृषि वैज्ञानिक ने बीज प्रसंस्करण का भ्रमण कराया साथ ही इसके महत्व एवं उपयोग की जानकारी दी। डॉ. आर. के. साहू, सहायक प्राध्यापक के माध्यम से जैविक खाद के उत्पादन एवं प्रबंधन की जानकारी साझा की गई, डॉ. आर. एस. शुक्ला, संचालक प्रक्षेत्र ने प्रजनक बीज की उपयोगिता तथा विश्वविद्यालय में संचालित बीज संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रदान की, डॉ. पवन अमृते, कृषि वैज्ञानिक ने सोयाबीन में कीट प्रबंधन, डॉ. नितिन सिंघई, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र, जबलपुर के माध्यम से सोयाबीन में खरपतवार प्रबंधन विषय पर एवं कृषकों को सोयाबीन उत्पादन संबंधित व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण के दौरान पौध प्रजनन एवं प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। इसके अलावा बीज की प्रसंस्करण का भी अवलोकन के साथ-साथ बीज तकनीकी केन्द्र एवं बायोफर्टिलाईजर सेंटर के संचालक डॉ. वाय. एम. शर्मा सहित अन्य विषेषज्ञों ने बारीकी से कृषकों को यहां के उत्पादों से परिचित कराया।विदित हो कि चन्द्रपुर के कृषकों को सोयाबीन, इसलिए लुभा रही है, क्योंकि इस फसल को खरीफ में लेने से रबी की फसल ले सकते हैं और जानवरों को चारा भी उपलब्ध हो जाता है, साथ ही चन्द्रपुर में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच जाता है।प्रशिक्षणार्थियों ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि, समस्त वैज्ञानिकों ने सरल भाषा में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की एवं प्रश्नों के समाधान बड़े संयम से दिए ।अंर्तराज्यीय कृषकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रभावी एवं व्यवहारिक रूप से संपन्न करने के लिए जनेकृविवि के कुलपति प्रोफेसर पी. के. मिश्रा ने संस्था के सदस्यों की सराहना की।तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में आईएबीएम के डायरेक्टर डॉ. मोनी थॉमस, डॉ. अनुपमा वर्मा, डॉ. लवीना शर्मा, श्रीमति लक्ष्मी सिंह, डॉ. दीपक पाल, डॉ.हेमंत रहांगडाले, जय वर्मा, हिमांशु पटेल सहित अन्य की उल्लेखनीय भूमिका रही ।

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