आतंकवाद पर जम कर गरजे सैनिक

आशु खान शहपुरा। NHRC के द्वारा कराये जा रहे मानव अधिकार वाद -विवाद प्रतियोगिता का आयोजन CRPF कैम्प बंगरसिया में किया गया जिसमे कैफ के कुल फोर्स BSF,CISF,ITBP,SSB,CRPF, RPF के जवान अलग अलग प्रांतो से आकर भाग लिए बहस दो भाषाओ पर रखा गया था जिसमे CISF अंग्रेजी प्रथम तो हिंदी सेकेंड आया वही BSF हिंदी में प्रथम रो अंग्रेजी सेकेंड आया, BSF, CISF दोनों का अच्छा प्रर्दशन वही CRPF तीसरे स्थान पर बना रहा, कार्यक्रम के मुख्यतिथि डॉ. श्री RLS YADAV-IPS रिटायर DG MP POLICE एवं IG =CRPF,DIG -के रि. पुलिस बल निर्णायक मंडल के रूप में मौजूद रहे, इसके अलावा सैकड़ो जवान जिसमे कमांडेट से लेकर अन्य रैक मौजूद रहे,अमित शर्मा (भोपाल )ने मानव अधिकार के पक्ष में शानदार बकालत कर तालिया बटोरी, वही टी एस परस्ते जी ने आतंकवाद के ऊपर जबरदस्त गरजते हुये मानव अधिकार के कार्यशैली पर सवाल उठाए परस्ते ने कहा मानव अधिकार कि पराकष्ठा को कायम रखना हैं तो जिसमे देश में फल फुल रही मानव तस्करी को रोकना होगा, जेलों कि दयनीय स्थिति जो खुद एक बिस्फोटक रूप ले चुके हैं सुधारना होगा, मानव अधिकारों कि आवाज दलित, शोषित, वंचित, चौथी पंक्ति तक पहुचानी होगी, इतना ही अनाथय से लेकर मुर्दा घरों एवं पागलखानों पर नज़र रखनी होगी टी एस परस्ते( म प्र. )उमरिया जिले के एक छोटे से गांव करही आदिवासी बहुल्य क्षेत्र से आते हैं, लेकिन जब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मंच जब मिला तो उन्होंने शानदार तर्क और दलील पेस किये, उन्होंने कहा महोदय समाज के भटके हुये लोगो को मुख्य धारा से जोड़ने एवं समाज के बीच समाजस्य्ता स्थापित करने के लिए कही न कही लक्षमन रेखाएं लांघनी ही पड़ती हैं, लोहा का असली स्वाद उस घोड़े को मालूम पड़ता हैं जिसके मुँह में लोहे का लगाम लगा हो, इसी लिए जवान अपनी नौकरी कि असुरक्षा कि बजह से उतना ही करता हैं कि सांप मरे न मरे लाठी नहीं टूटनी चाहिए,परस्ते जी तरह तरह मनमोहक दलील पेस कर ट्राफी अपने नाम किया !



