खास खबरसंपादकीय/लेख/आलेखसाहित्य दर्पण
विश्व का प्रथम जैन रेडियो स्टेशन


जिन खोजा तिन पाइया, गहरे पानी पैठ,।
मैं बपुरा बूडन डरा, रहा किनारे बैठ।।
कबीर दास जी कहते है, जो प्रयत्न करते हैं, वे कुछ न कुछ वैसे ही पा ही लेते हैं जैसे कोई मेहनत करने वाला गोताखोर गहरे पानी में जाता है और कुछ ले कर आता है. लेकिन कुछ बेचारे लोग ऐसे भी होते हैं जो डूबने के भय से किनारे पर ही बैठे रह जाते हैं और कुछ नहीं पाते। इस दोहे को चरितार्थ करता है विश्व का प्रथम ऑनलाइन जैन रेडियो स्टेशन “रेडियो जय जिनेंद्र”. जैन संस्कृति और परंपरा को विश्व धरातल पर जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से नासिक/मुंबई निवासी डॉ राकेश श्रीवंश ने आज से दो बर्ष पूर्व जून 2019 में “रेडियो जय जिनेंद्र” की शुरुआत की। यह विश्व का प्रथम ऑनलाइन जैन रेडियो इंटरनेट स्टेशन है। सीधे मोबाइल कंप्यूटर और लैपटॉप पर चलने वाला यह ऑनलाइन इंटरनेट रेडियो चैनल मात्र पांच एमबी का है, जिसे गूगल प्ले स्टोर से निशुल्क डाउनलोड कर सुन सकते है। आप लगभग पाँच से दस एमबी में एक घंटे या लगभग दो सो एमबी में पूरे चौवीसी घंटे निशुल्क रेडियो आपने मोबाइल पर सुन सकते हो।
राजपूत समाज में 12 अगस्त 1975 को जन्मे डॉ राकेश श्रीवंस जी के मन में सन् 2015 में विचार आया कि क्यों ना विश्व के प्राचीनतम, सत्य, अहिंसा, संयम, अपरिग्रह और क्षमा सिखाने वाले जैन-धर्म और जैन सिद्धांतों को सभी तक पहुंचाया जावे। इसके लिए उन्होंने स्वाध्धाय किया। जैन धर्म की किताबें एवं बिचारधारा पढी। आचार्य, मुनि और माताजी के खूब प्रवचन सुने। गूगल और यूट्यूब के माध्यम से जानकारियां एकत्रित की। जैन शास्त्र, ग्रथों और जिनवाणी का अध्ययन किया। जैन संस्कृति, परंपरा और मूल सिद्धांतों को समझा। जैन मुनि,आचार्य,उपाध्याय और माताजी कि सैयमिक दिनचर्या, क्रिया विधि और त्याग तपस्या से प्रभावित होकर इनहोने यह पाया कि जैन धर्म एक ऐसा धर्म है, जिसकी अच्छी-अच्छी और प्रमुख बातों को विश्व के हर व्यक्ति को जानना चाहिए और इसका पालन करना चाहिए। अहिंसा को सर्वोपरि धर्म मानने वाले इस समाज के लोगों को, एकता के एकसूत्र में बांधने के उद्देश्य से “रेडियो जय जिनेंद्र” सन् 2019 में सफलतापूर्वक शुरू हुआ। बहुत अच्छी-अच्छी प्रतिक्रियाओं और श्रोताओं की संख्या के आधार पर यह विश्व का प्रथम और प्रमुख ऑनलाइन इंटरनेट जैन रेडियो चैनल के रूप में विगत दो बर्ष से निरंतर कार्य कर रहा है।
रिगरो डिजिटल कंपनी के फाउंडर डायरेक्टर एवं नासिक कम्युनिटी रेडियो नमकीन 91.2 एफएम के चेयरमैन डॉ राकेश श्रीवंस ने व्यक्तिगत रूप से जानकारी देते हुए बताया कि, हमारी कंपनी विश्व के टॉप दस एवं भारत की प्रथम कंपनी है, जो ऑनलाइन रेडियो स्टेशनों की स्थापना करते हैं। हर व्यक्ति ऑनलाइन रेडियो स्टेशन चालू कर सकता है, और रेडियो जॉकी बनने का अपना सपना पूरा कर सकता है। अपने घर से अपनी आवाज को दुनिया के दूसरे कोने तक पहुंचाने का कार्य हमारी कंपनी के द्वारा किया जाता है। अभी तक हमने लोगों की जरूरत के हिसाब से पांच सौ से अधिक आनलाइन निजी रेडियो स्टेशनों का निर्माण कर चुके है। व्यक्ति लगभग बारह हजार रूपये प्रति वर्ष की शुल्क देकर हमसे लाइसेंस, सॉफ्टवेयर लेकर अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन इंटरनेट रेडियो स्टेशन शुरू कर सकता। नई रेडियो स्टेशन के लिए हम तकनीक, प्रशिक्षण,एनराइड एप, वेबसाइट पेज तथा आईओएस रेडियो लिंक हम उपलब्ध कराते हैं। यह रेडियो चौबीस घंटे सुना जा सकता है। हमारी कंपनी ने एक ऐसा विषेश सॉफ्टवेयर डेवलप किया है, जिससे बड़ी से बड़ी ऑडियो फाइल को कन्वर्ट करके उसे कम से कम डाटा उपयोग करके, टूजी नेटवर्क पर भी एक सेकंड के चौथे हिस्से में ही रेडियो मोबाइल पर बजने लायक बना जाता है। पूर्ण रूप से भारत में ही बने इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से व्यक्ति अपने मोबाइल में इसे निशुल्क डाउनलोड करके, पूरे विश्व में कहीं पर भी, हर नेटवर्क में कम से कम इंटरनेट स्पीड पर भी सुन सकता है।
रिगरो डिजिटल कंपनी का आनलाइन “रेडियो जय जिनेन्द्र” तीन प्रमुख स्तंभ पर कार्य करता है पहला डेवलपर टीम जोकि एप्लीकेशन डेवलपमेंट वेबसाइट को मेंटेन करती हैं। दूसरी सर्वर टीम, सॉफ्टवेयर को मेंटेन एवं मैनेजमेंट करती हैं। हमारे चार शक्तिशाली सर्वर जो रेडियो को बिना रुके चौवीसीसों घंटे चलाते हैं।जिससे कभी वफरिंग नही होती और रेडियो कभी आफ एयर या डेड एयर नही होता। तीसरी और प्रमुख प्रोग्रामिंग टीम जोकि महत्वपूर्ण दिन एवं अवसरों के आधार पर पूरे दिन भर का सेड्यूल बनखकर प्रोग्रामिंग मैनेजमेंट करती है।
करत-करत अभ्यास के,जड़मति होत सुजान।
रसरी आवत जात तें, सिल पर परत निसान।।
रिगरो डिजिटल कंपनी “रेडियो जय जिनेंद्र” की संपूर्ण टीम का हर सदस्य अलग-अलग जाति, धर्म एवं संप्रदाय का है। कोई भी सदस्य जैन धर्म या जाति का नही होने के बाद भी, संपूर्ण जैन समाज के लिए इतना अच्छा कार्य जो कार्य कर रहा हैं, इसके लिए दैनिक जबलपुर दर्पण सहित संपूर्ण जैन समाज की ओर से “रेडियो जय जिनेंद्र” की टीम को सादर धन्यवाद। शुभकामनाएंँ। जैनम जायति शासनम,जय जिनेंद्र।।



