Publisher Theme
I’m a gamer, always have been.
Browsing Category

संपादकीय/लेख/आलेख

मतदान अधिकार से बढ़कर है कर्तव्य

महापौर और पार्षद दोनों को वोट देने पर ही पूर्ण होगा मतदानआलेख : आशीष जैन (उप संपादक) जबलपुर दर्पणभारत में चुनाव किसी उत्सव से कम में है। चुनावों की अधिसूचना या घोषणा से ही प्रत्याशी,

चार दिन के चुनाव, कराते हैं आपसी संबंध खराब

आलेख : आशीष जैन {उप संपादक} दैनिक जबलपुर दर्पणचुनाव आते हैं और चले जाते। आजादी के बाद से जनता को लगभग हर पांच वर्ष में मतदान का अवसर अवश्य प्राप्त होता है। चुनाव चाहे लोकसभा, विधानसभा या

महँगाई का ईधन

जबलपुर दर्पण। पिछले कुछ समय से रोजमर्रा के जरूरतों के समान की कीमते आम लोगो की पहुच से दूर होती जा रही हैऐसे में सरकार की कोशिशें यह होनी चाहिए थी की वह लोगो को महँगाई से राहत दिलाने के लिये ऐसे

विचारवान साहित्यकार “किसलय”

(5 फरवरी को जन्म दिवस पर विशेष)"किसलय जग में श्रेष्ठ है, मानवता का धर्म अहम त्याग कर जानिए, इसका व्यापक मर्म"दो पंक्तियों में जीवन की राह और मंजिल बता देने वाले भाई विजय तिवारी "किसलय" का

भारतीय संविधान के निहितार्थों का दुरुपयोग

विजय तिवारी 'किसलय'देशभक्तों और आजादी हेतु प्राणोत्सर्ग करने वाले रणबांकुरों के स्वतंत्रता आंदोलन के परिणाम स्वरूप भारतीय संविधान को भारतीयों द्वारा ही बनाए जाने की मांग अंतत:

परहित सरिस धरम नहिं भाई

परहित, परोपकार, परसेवा अथवा परमार्थ जैसे शब्दों को ही सुनकर हमारे मन में दूसरों की मदद हेतु भाव उत्पन्न हो जाते हैं। किसी भी तरह के जरूरतमंदों की सहायता करना, उनकी सेवा करना मानवसेवा का प्रमुख उदाहरण

पर्वों पर सांप्रदायिक सद्भावना

विजय तिवारी 'किसलय' जबलपुरपर्वों की सार्थकता तभी है जब उन्हें आपसी सद्भाव, प्रेम-भाईचारे और हँसी-खुशी से मनाया जाए। अपनी संस्कृति, प्रथाओं व परंपराओं की विरासत को अक्षुण्ण रखने के साथ-साथ अगली

योग-विज्ञान की जीवन में उपादेयता

ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव जी सर्वप्रथम योग का ज्ञान देकर आदि गुरु बने थे। इसी योग को धारण कर भगवान श्री कृष्ण महायोगेश्वर कहलाए। हमारे ऋषि-मुनियों व पूर्वजों ने निश्चित रूप से योग को

मानवता की सेवा

इंसान जन्म लेता है, जिंदगी गुजारता है और एक दिन इस दुनिया से कूच कर जाता है। क्या, मात्र जीवन जीना और मरना मानव की नियति मानी जाए। नहीं। बचपन और बुढ़ापा छोड़ दिया जाए तो मुश्किल से तीस-चालीस वर्ष ही…

अजब-गजब मध्य प्रदेश की नई कहानी बोली लगाओ, कीमत चुकाओ और बन जाओ सरपंच

अजब-गजब मध्य प्रदेश की नई कहानीबोली लगाओ, कीमत चुकाओ और बन जाओ सरपंचआलेख :- आशीष जैन (जबलपुर दर्पण)अजब-गजब मध्यप्रदेश की नई घटना सामने आई है। बोली लगाओ, कीमत चुकाओ और बन जाओ सरपंच। सर्व…