जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

शरद पूर्णिमा में भाचार्य विद्यासागरजी के अवतरण दिवस मनाया भक्ति से बनते भगवान

जबलपुर दर्पण। कंचन विहार विजय नगर स्थित पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विगत दिनों से श्री 1008 कल्पद्रुम महामण्डल विधान विश्व शांति महायज्ञ चाचा) आचार्य 108 विद्यासागर जी महाराज के आर्शिबाद एवं 105 आर्यिका रत्न चिंतनप्रति माताजी ससंघ के सानिध्य में चल रहा है कल 28 अक्टूबर शरद- पूर्णिमा में भाचार्य विद्यासागरजी के अवतरण दिवस पर अष्ठ द्रव्य की 78 थालियों से आचार्य श्री की पूजन महिला मण्डल द्वारा आयोजित है, हवन “एवं विधान क्रियायें होने के पश्चात सुबह 10 बजे श्री जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जावेगी, रात्रि में गुरु गौरव गाथा के स्वर्णिम पल का मंचन होगा. (समय 8-30 रात्रि) सभी श्रद्धालु ) उपस्थित होकर गुरु भक्ति में शामिल हों,
विधानाचार्य वाल. प्र. अंकित भैया सहज एवं ब्र. संजय भैया, पंडित शुभम जी जैन द्वारा विधान प्रभावना के साथ हो रहा है। इस विधान के मुख्य पात्र, सौधर्म इन्द्र, चक्रवर्ती भरत पोदनपुर नरेश बाहुबली, कुवेर, महायज्ञ नायक यज्ञनायक एवे माता पिता आदि मुख्य पात्र है, निः सुधीर मंत्री प्रबंध समिति कार्यकारिणी सदस्य कंछेदीलाल जैन प्रदीप ज्योदिया अजित कुमार चौधरी आर. सी. जैन धन्नालाल नायक एम. एल. जैन नीलेश जैन संदीप कुमार जैन दिलीप कुमार जैन डा. श्रीमति किरण जैन श्रीमति चंदा जैन संरक्षक ब्रह्माचारिणी डा. प्रभा दीदी, स. सि. दिगम्बर जैन, श्री जय कुमार मोदी सिं. लखमीचंद जैन एवं श्री राजेश कुमार कटंगहा भक्ति से बनते भगवान कंचन विहार विजय नगर स्थित पारसनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में विगत दिनों से श्री 1008 कल्पद्रुम महामण्डल विधान विश्व शांति महायज्ञ चाचा आचार्य 108 विद्यासागर जी महाराज के आर्शिबाद एवं 105 आर्यिका रत्न चिंतनप्रति माताजी ससंघ के सानिध्य में चल रहा है 28 अक्टूबर शरद- पूर्णिमा में भाचार्य विद्यासागरजी के अवतरण दिवस पर अष्ठ द्रव्य की 78 थालियों से आचार्यश्री की पूजन महिला मण्डल द्वारा आयोजित है, हवन एवं विधान क्रियायें होने के पश्चात सुबह 10 बजे श्री जी की भव्य शोभा यात्रा निकाली जावेगी, रात्रि में गुरु गौरव गाथा के स्वर्णिम पल का मंचन होगा. (समय 8-30 रात्रि) सभी श्रद्धालु ) उपस्थित होकर गुरु भक्ति में शामिल हों, विधानाचार्य वाल. प्र. अंकित भैया सहज एवं ब्र. संजय भैया, पंडित शुभम जी जैन द्वारा विधान प्रभावना के साथ हो रहा है, इस विधान के मुख्य पात्र, सौधर्म इन्द्र, चक्रवर्ती भरत पोदनपुर नरेश बाहुबली, कुवेर, महायज्ञ नायक यज्ञनायक एवे माता पिता आदि मुख्य पात्र है, निः सुधीर
मंत्री आदि मौजूद रहें ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88