दुर्दशा का शिकार हुआ जीएसटी ऑफिस

दर दर भटकने को मजबूर करदाता , ऑफिस की तरफ ध्यानाकर्षण की व्यवस्था पर लगा ग्रहण
पवन कौरव गाडरवारा। यूं तो देश उस देश मे रहने वाले लोगों के टेक्स से चलता है फिर चाहे वो टेक्स किसी भी वस्तु या सम्पति पर लगा हो मगर देश की अर्थव्यवस्था मिलने वाले टेक्स यानी कर से ही चल सकती है तो वही गाडरवारा शहर व आसपास के करदाताओं के लिए टेक्स जमा करने व जीएसटी संबंधी जानकारी प्राप्त करने के लिए शहर में दर दर भटकना पड़ रहा है । कारण है जीएसटी ऑफिस का पता ना होना लेकिन पता क्यों ना हो जनाब ना यहां कस्टमरों का ध्यान ऑफिस की तरफ जाए इसके लिए ना तो यहां उचित बोर्ड है और ना ही ऑफिस की उचित व्यवस्था बिल्डिंग के दूसरे माले पर बने इस ऑफिस को मानो ग्रहण लग गया हो । क्योंकि इस इमारत में बिल्डिंग निर्माण कार्य चालू है और निर्माणाधीन इमारत का सामान इधर उधर पड़ा है वही जीएसटी ऑफिस के सामने भी सेंटिंग लगा दी गई है अब तो ओर ग्राहकों को पता नही लग पा रहा है कि यहां पर कोई ऑफिस खुला है । वही ऑफिस दूसरी मंजिल पर होने के कारण आमजन को सीढ़ियों के माध्यम से ऊपर जाना पड़ता है जिसके कारण भी करदाताओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है । अब एक तरफ जहां सरकार करदाताओं से समय पर टैक्स जमा करने को कहती है तो वही दूसरी ओर जब उपभोक्ताओं को ऑफिस का ही पता ना हो तो टेक्स समय पर जमा कर पाना व टेक्स संबंधी जानकारी समय पर प्राप्त कर पाना मुश्किल है ।
गौरतलब है कि गाडरवारा शहर में प्रयाप्त जगह होने तथा कम दामो में उचित व्यवस्था के साथ ऑफिस वर्क के लिए जगह मिल जाती है लेकिन जीएसटी विभाग द्वारा बिना करदाताओं की सहूलियत को देखे ऑफिस को दो मंजिला बिल्डिंग में लिया जाना कई सवाल खड़े करता है वही ऑफिस के आसपास में ना ही कोई बड़ा बोर्ड लगाया गया है ताकि लोगों की नजर उसपर पड़ सके । उचित व्यवस्था ना होने के कारण करदाता आज शहर के चक्कर लगाने को मजबूर है ।



