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गेहूं का भुगतान न होने से किसानों में आक्रोश

जबलपुर- (दीपक तिवारी)।गेहूं की खरीद खत्म हो गई लेकिन किसान अब भी भुगतान के लिए परेशान हो रहा है। पनागर ग्रामीण नुनिया कला सेवा सहकारी समिति के अंतर्गत किसानों का भुगतान केवल इसलिए रोक दिया गया क्योंकि उनका माल रिजेक्ट कर दिया गया। बड़ा सवाल यह उठता है कि जब माल की खरीद होती है उसके पहले एक सर्वेयर किसान के माल की जांच करता है उसे पास करता है। इसके बाद ही फिर किसान का माल खरीदा जाता है। खरीदने के बाद तुलाई होने के बाद यह कौन सा नियम है कि किसान के माल को रिजेक्ट बताकर उसकी पेमेंट रोक दी गई
यह सवाल लेकर आज भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत तहसील पनागर के सदस्य कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। किसानों में इस बात को लेकर जबरदस्त गुस्सा रहा। साथ ही किसानों ने यह आरोप भी लगाया कि किसानों से ₹25 प्रति क्विंटल के हिसाब से तुलाई चुकाई परिवहन का खर्च बता कर पैसा लिया जाता रहा। यह राशि हेमंत पांडे, बसंत पटेल की मिलीभगत से ली गई और इसके बाद भी उनका गेहूं रिजेक्शन में डाल दिया गया। अब पैसे की मांग की जा रही है। हेमंत पांडे सेवा सहकारी समिति पनागर प्रभारी है और उनके द्वारा रिजेक्शन के नाम पर ₹6000 की मांग की जा रही है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि अगर पैसा नहीं दिया तो धान की खरीदी में आपको देख लिया जाएगा। किसानों को डरा धमका कर समिति प्रभारी द्वारा पैसा मांगने का किए जाने का मामला सामने आया है। इस विषय में किसानों ने कलेक्टर भरत यादव से भी बात की और एसडीएम से भी बात की गई। एसडीएम साहब ने किसानों को 10 दिनों के भीतर उनका पूरा भुगतान कर देने का आश्वासन दिया है। यदि किसानों को 10 दिन के भीतर पूरा भुगतान नहीं किया जाता है तो भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

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