माता गुजरी महिला महाविद्यालय सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन

जबलपुर दर्पण। सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसका विषय ‘नवीनतम रुझानों पर बहुआयामी दृष्टिकोंण और कॅरियर विकास में उभरते अवसर (हाइब्रिड मोड) रहा। दीप प्रज्जवलन के साथ ही कार्यशाला का समापन समारोह आरंभ हुआ। विशिष्ट अतिथि के रूप में स्टार्टअप इंडिया मेंटोर, मैनेजर स्मार्ट सिटी इंक्यूवेशन सेंटर जबलपुर से श्वेता नामदेव जी पधारीं। उन्होनें अपने व्याख्यान में बताया कि राज्य और शहरी स्थानीय निकायों की स्मार्टसिटी के विकास में एक महत्वपूर्ण सहायक भूमिका निभाने की आवश्यकता है। इस स्तर पर स्मार्ट नेतृत्व और दृष्टि एवं निर्णायक कार्यवाही करने की क्षमता मिशन को सफल बना सकती है। नीति निर्माताओं, कार्यान्वयन करने वालों एवं अन्य हितधारकों द्वारा विभिन्न स्तरों पर कार्य करने की आवश्यकता है जिसमें संस्थागत, सामाजिक एवं आर्थिक बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि के रूप में डायरेक्टर बायो डिजाइन इनोवेशन सेंटर रादुविवि जबलपुर से प्रो. शार्दूल सिंह संधु जी पधारे, उन्होनें ‘लाइफ साइंस में नवाचार प्रकृति के समाधान से लेकर जटिल समस्याओं तक की प्रेरणाÓ विषय पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होनें बताया कि लाइफ साइंस सिर्फ साइंस की ही शाखा नहीं है, वरन् सम्पूर्ण प्राणी जगत के विविध व्यवहारों की शाखा है। इसके अन्तर्गत जीवित पदार्थों के उद््भव, विकास, आहार एवं जनन आदि जैसी अनेक जैविक क्रियाओं का प्रयोगात्मक अध्ययन किया जाता है।
बी.एस.सी. लाइफ सांइस एक ऐसा कोर्स है जिसमें सारे कार्य शोध वाले होते है। इस कारण से इस कोर्स के बाद लगने वाले नौकरी भी शोध से सम्बंधित होती है। बी एस सी लाइफ सांइस करने के बाद शास. सेवाएं जैसे शास. हॉस्पिटल, मेंडिकल और रिर्सच सेन्टर ,बायोटेक सेन्टर तथा माल्युकुल रिर्सच सेन्टर में भी अपना कॅरियर बना सकते हैं।
स्वागत भाषण महा. की प्राचार्या डॉ. संगीता झाम्ब मैडम ने किया। इस अवसर पर गुरू गोबिन्द सिंह एजुकेशनल सोसायटी के अध्यक्ष स. कुलदीप सिंह बंसल , सचिव स. जतिन्दर सिंह सैनी, कोषाध्यक्ष स. तेजिन्दर सिंह गुल्डू एवं मैनेजर स. गुरूदेव सिंह रील/ महा. के डायरेक्टर डॉ. कमलेश तिवारी, रजिस्ट्रार सुश्री शाइस्ता सिद्धिकी उपस्थित थे। सात दिवसीय कार्यशाला का संपूर्ण प्रतिवेदन आयोजन की सचिव डॉ. संगीता तोमर ने प्रस्तुत किया।
महाविद्यालय में विज्ञान संकाय में आयोजित एल.ई.डी. लैम्प निर्माण एवं वेस्ट मटेरियल से नवाचार उद्यमिता पर प्रतियोगिता में विजेता छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किये गये जिनमें- (१) अक्सा अंसारी, बी.एस.सी. तृतीय वर्ष इलेक्ट्रॉनिक एवं कम्यूनिकेशन, (२) नित्या तिवारी, बी.एस.सी. द्वितीय वर्ष फिजिक्स, (३) निकिता गलबले, बी.एस.सी. तृतीय वर्ष फिजिक्स शामिल रहीं। इन छात्राओं को प्रतीक चिन्ह, सर्टिफिकेट एवं सम्मान राशि प्रदान की गई।
कार्यशाला की संयोजक डॉ. रानू सिंह एवं समन्वयक डॉ. मोनिका धगट एवं आयोजन सचिव डॉ. महिमा त्रिपाठी एवं डॉ. श्यामजी शुक्ला के साथ प्रो. विशाल मिश्रा, डॉ. संध्या बटालिया, डॉ. सत्येन्द्र कुररिया, डॉ. मंजूषा पौराणिक, डॉ. मीता श्रीवास्तव, डॉ. दीप्ति मिश्रा, डॉ. महेन्द्र जैन, डॉ. श्रुति पुंज, डॉ. माया शुक्ला, डॉ. संगीता सार्खेल, डॉ. अंजू मिश्रा, डॉ. रजनी गुप्ता, श्री राकेश तिवारी, डॉ. गणेश दुबे, मि. राफेल परस्ते, मिस यशमीत रहल, मिस पारूल अवस्थी, मि. देवेश अवस्थी एवं मि. मोहित मेहरा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यशाला में गठित आयोजन समिति के समस्त सदस्यगणों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया जो प्रशंसनीय रहा। महा. के समस्त संकाय की छात्राओं ने कार्यशाला में अपनी शत्-प्रतिशत् उपस्थिति दर्ज कर लाभ प्राप्त किया।
कार्यशाला के अंत में डॉ. श्यामजी शुक्ला ने ऑन लाइन/ ऑफ लाइन पधारे अतिथियों, व्याख्याताओं एवं वक्ताओं का आभार व्यक्त किया। महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगणों को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया जिन्होनें पूरे समय उपस्थित रहकर अपना सहयोग दिया। समस्त तकनीकी सत्रों में नियुक्त रिपोर्टिंग एवं संचालन करने वाले प्राध्यापकगणों को विशेष धन्यवाद दिया। कार्यशाला में लगातार कार्यरत टेक्नीकल टीम का आभार किया जिनमें मि. प्रभात केवट, रंजीत साहू, बलवीर सिंह, ललित विश्वकर्मा के साथ ही समस्त प्रिंट मीडिया/ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। सभी के सहयोग से सात दिवसीय कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।



