जीवन को सुखमय बनाने में हरि स्मरण आवश्यक:स्वामी अशोकानंद

जबलपुर दर्पण नप्र। जीवन सुखमय बनाने दैनिक चर्या और हरि स्मरण आवश्यक है। जीवात्म का संसार मे जीवन मात्र सप्त दिवसीय ही है इसलिए उसे निरसता से जीने से बेहतर हरिनाम संकीर्तन करते उत्सव मनाते हुए व्यतीत करे। उक्त भावुकतापूर्ण उदगार नर्मदा तट भक्तिधाम ग्वारीघाट जबलपुर मे श्रीहरि नारायण के अवतारो के परम पुनीत वैशाख मास के अवसर पर प्रख्यात कथावाचक परम पूज्य स्वामी श्री अशोकानंद महाराज ने श्रीमुख से कहे। कथा के प्रथम दिवस श्रीमद्भागवत महापुराण व्दिव्य महोत्सव वैशाख शुक्ल सीता नवमी के विशेष संयोग मे भगवान श्रीहरि नारायण के वांग्मय स्वरूप श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण का विशेष पुण्य कारी महत्व है। कलश स्थापन,पोथी पूजन कर मां नर्मदा का आवाहन किया गया। इस अवसर पर स्वामी विश्वक सेनाचार्य महाराज, डा जितेंद्र जामदार,सहित भक्तिधाम ग्वारीघाट भक्त मंडल , संस्कारधानी जबलपुर के भाविक श्रृध्दालुओ की बडी संख्या मे उपस्थिति रही। नवग्रह,श्रीपीठ, षोषश मातृका,श्री राधा कृष्ण, श्रीमद्भागवत महापुराण का वैदिक पूजन आचार्य पं आशीष, पं पुष्पराज तिवारी,पं शिव शंकर सहित आचार्य गणो ने किया।



