दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन

जबलपुर दर्पण। श्री गुरु तेग बहादुर खालसा महाविद्यालय, जबलपुर में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद् तथा मध्यप्रदेश चेप्टर ऑफ टीचर एजुकेशन फॉउंडेसन के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत “स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा में परिवर्तनकारी सुधार एवं कार्यान्वयन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन दिनांक 15 एवं 16 मार्च 2024 को किया जा रहा है। इस अवसर पर उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप प्रो. मनोज कुमार सिन्हा, (माननीय कुलपति धर्मशास्त्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी) की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. राजेन्द्र कुररिया (सदस्य उच्च शिक्षा आयेग मध्यप्रदेश) एवं डॉ. आर. के. स्वर्णकार (प्राचार्य P.S.M. कॉलेज) की उपस्थिति रही कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रबंधकार्यकारणी के सचिव सरदार एम.एस. चावला जी ने की। शुभारभ सभी विशिष्ट अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की आराधना एवं शबद कीर्तन से हुआ सर्वप्रथम महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. आर.एस. चडोंक सर ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थी के सर्वागीण विकास हेतु आवश्यक है जिसमे हर विद्यार्थी को कौशल संवर्धन की शिक्षा दी जा रही है। यह हमारी प्राचीन भारतीय परम्परा पर आधारित है। उद्घाटन सत्र डॉ. के.एम. भंडारकर की उपस्थिति में संम्पन हुआ। उन्होने अपने वक्तव्य में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीको का उपयोग आवश्यक है क्योकि आज का भारत डिजिटल इड़िया के नाम से जाना जाता है। इस अवसर पर प्रों. नीलिमा भगवती ने अपने उद्बोधन में CTEF की स्थापना से लेकर बर्तमान रूप तक की पूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। डॉ. गोपाल कृष्ण ठाकुर (प्रो. एवं डीन, महात्मा गांधी अंतराष्ट्रीय हिन्दी वि.वि. वर्धा) ने Key Note प्रस्तुत किया।
स्मृति व्याख्यान की श्रृंखला में डॉ. अर्चना भट्टाचार्यजी (उपाध्यक्ष CTEF असम) द्वारा डी. आर.विज. मेमोरियल लेक्चर, डॉ. खुशविन्दर कुमार (अध्यक्ष CTEF पंजाब एवं चडीगढ़) द्वारा उच्च शिक्षा में पुनर्सरचना की आवश्यकता विषय पर डॉ. गुलाब चौरसिया स्मृति व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। डॉ. माधुरी इसावे (सचिव CTEF महाराष्ट्र) ने डॉ. जेपी नायक स्मृति व्याख्यान तथा डॉ. एम. एस. गीथा (अध्यक्ष CTEF केरल) ने नयी शिक्षा नीति में भारतीय लोकाचार एवं संस्कृति विषय पर अपना उदबोधन प्रस्तुत किया। तकनीकी सत्र के दौरान डॉ. संजय तिवारी (प्राचार्य नवयुग महाविद्यालय) की अध्यक्षता में लगभग 77 रिसर्च पेपर का वाचन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनो माध्यमों से संम्पादित हुआ। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक श्रीमति शिखा पाराशर, डॉ. मनीष शाह, डॉ. शिवमणि मिश्रा, श्रीमति प्रकृति विश्वास, डॉ. अंजू पाठक, डॉ. विपिन राय, डॉ. आरती शुक्ला, डॉ. रोहित वर्मा, डॉ. विमल शुक्ला, श्री संजय गुप्ता, श्री रत्नेश नामदेव, उपस्थित रहे। महाविद्यालय के शिक्षा संकाय के लगभग 200 विद्यार्थियों ने सम्मेलन में पंजीयन कराया। कार्यक्रम, संयोजक डॉ. शशि दुबे एवं समन्वयक डॉ संध्या कोष्टा द्वारा संम्पन कराया गया। मंच संचालन डॉ. हर्षिता शुक्ला एवं श्रीमति श्रृद्धा जैन ने किया।



