सेंट अलॉयसियस कॉलेज (स्वायत्त) में लिट-फेस्ट आयोजित

जबलपुर दर्पण। अंग्रेजी विभाग और लिटरेक्ट क्लब द्वारा सेंट अलॉयसियस ऑटोनॉमस कॉलेज, जबलपुर, मध्य प्रदेश में एक साहित्यिक उत्सव ‘लिटफेस्ट-फिक्शन टू फ्लिक्स फिएस्टा’ का आयोजन किया। इसमें रस प्रतिबिंब, डिजाइन डाइव, आर्ट फ्लोर, ब्रेन ब्रॉल्स, वर्ड विजार्डी, कैरेक्टर क्रॉनिकल्स जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएं थीं। यहां क्लिकिंग ऑफ इमोशन्स एवं अल्टरनेटिव बुक कवर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें 53 विद्यार्थियों ने भाग लिया। ब्रेन ब्रॉल्स में 56 और स्पेल बी में 35 तथा कैरेक्टर क्रॉनिकल्स में 25 विद्यार्थियों ने भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के निर्णायक डॉ. ज़रीन, श्री एनोश फिलिप, डॉ. चित्रांशी वर्मा, डॉ. प्रियंका सिन्हा, डॉ. हरलीन कौर रूपरा, श्रीमती सोनल चतुर्वेदी, डॉ. उषा केली, डॉ. आरती पटेल, डॉ. समता नायडू. थे। वॉच योर स्टेप, कप पिंग पोंग, रिंग टॉस, टग ऑफ वॉर जैसे विभिन्न खेल मनोरंजन खंड का हिस्सा थे। भारतीय और महाद्वीपीय खाद्य स्टॉल, बुक स्टॉल, आभूषण और फेस पेंटिंग स्टॉल छात्रों और शिक्षकों के लिए आकर्षण का स्रोत थे। फेस्ट में विभिन्न कॉलेजों के छात्र शामिल हुए। प्रतियोगिताओं के विजेताओं को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। विभिन्न सरकारी कॉलेजों के प्रोफेसर जैसे महाकौशल कला एवं वाणिज्य (स्वायत्त) महाविद्यालय, एम.के.बी महिला महाविद्यालय, शासकीय साइंस कॉलेज, मातागुजरी आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज, सेंट अलॉयसियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और आरडीवीवी, जबलपुर ने इस कार्यक्रम के मुख्य समारोह की शोभा बढ़ाई। अंग्रेजी विभाग के छात्रों द्वारा प्रकाशित कॉलेज न्यूज़लेटर खंड 1 और खंड 2 का विमोचन डॉ. फा. बेन एंटोन रोज़, वाइस प्रिंसिपल द्वारा किया गया। प्राचार्य फा. डॉ. जी. वलन अरासु ने छात्रों को जीवन के हर क्षेत्र में सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित किया। कार्यक्रम के पीछे मुख्य व्यक्ति डॉ. फा. बेन एंटोन रोज़, वाइस प्रिंसिपल थे। उन्होंने छात्रों की कड़ी मेहनत और रचनात्मकता की सराहना की। डॉ. नीलांजना पाठक, विभागाध्यक्ष, अंग्रेजी ने पूरे कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. निहारिका सिंह, डॉ. मीता अग्रवाल और श्री विराज सिंह यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सोमा गुहा दास ने किया और छात्रा समन्वयक लिटरेक्ट क्लब की अध्यक्ष सुश्री आरिश अंसारी थीं। कार्यक्रम के संयोजक रुकैया नादिर एवं शान ए नूर थे। धन्यवाद ज्ञापन सुश्री आरिश अंसारी ने किया।



