जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

आध्यात्मिक प्रेरणा का स्त्रोत बनेगा मां नर्मदा गो कुंभ संत समागम

जबलपुर. 24 तारीख से 3 मार्च 2020 तक आयोजित होने वाले नर्मदा को कुंभ संत समागम में इस वर्ष की खासियत और आयोजन के विषय में जानकारी देने के लिए नर्मदा कुंभ के संस्थापक संरक्षक जगतगुरु डॉक्टर स्वामी श्याम देवाचार्य जी महाराज द्वारा नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज गोरखपुर में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। जल तीर्थ स्वरूप है और ऋषि मुनि चलते-फिरते तीर्थ इन्हीं से ही संस्कृति की रक्षा होती है तीर्थों में विराजमान देवों के दर्शन लंबे समय से फलों की प्राप्ति का साधन रहे संतो के मुख से निकली हुई वाणी कानों में पड़ते ही फल की प्राप्ति होती है ऐसे संतो के दर्शन और प्रवचन का लाभ इस वर्ष आयोजित होने वाले नर्मदा कुंभ में मिलने वाला है इस आयोजन में प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री ने भी सक्रिय सहभागिता दी है। कार्यक्रम के विषय में जानकारी देते हुए रामदेव आचार्य ने बताया कि प्रमुख जजमान गौरव भानोत रहेंगे। आयोजन का आरंभ 24 फरवरी दोपहर 2:00 बजे से पेशवाई के साथ होगा। जो कि नरसिंह मंदिर से शुरू होगी इसमें नागपुर का धमाल,शिव बारात, के साथ घोड़े, ऊंट, हाथी, बैंड,भील डांस, साधु संत के शामिल रहेंगे। आयोजन स्थल पर भगवान शिव की विशाल प्रतिमा का निर्माण कराया जा रहा है। वही अर्धनारीश्वर के दर्शन भी होंगे। नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से लेकर भरूच स्थित खंभात की खाड़ी तक के विभिन्न दृश्यों का चित्रांकन किया जा रहा है। जबलपुर टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल के माध्यम से आदिवासी लोक नृत्य, इंडियन ओसियन बैंड, मनीष अग्रवाल, श्रीमती भैरवी विश्वरूप, मोहिनी मोघे, शालिनी खरे, मेघा पांडे, राजेश कपूर, ममता कुमारी राजस्थान, शहनाज अख्तर, संजू बघेल, मालिनी अवस्थी दिल्ली, उपासना उपाध्याय, मोती शिवहरे, रिचा शर्मा, नलांगी कलंतरे, शैली घोपे, कैलाश खेर जैसे कलाकार नर्मदा कुंभ में आने के लिए अपनी सहमति दे चुके हैं।
इस आयोजन में पूज्य बाबा कल्याण दास जी महाराज अमरकंटक, आचार्य महामंडलेश्वर जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज जूना अखाड़ा, जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज चित्रकूट, आचार्य महामंडलेश्वर निर्मल पीठाधीश्वर स्वामी ज्ञानदेव जी महाराज, निर्मल अखाड़ा, हरिद्वार गध्दा चार्य महाराज खालसा परिषद मुंबई, दंडी स्वामी सरस्वती जी महाराज शंकराचार्य स्वरूपानंद उत्तराधिकारी हरिद्वार, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास जी महाराज वृंदावन, गीता मनीषी ज्ञानानंद जी महाराज वृंदावन जैसे अनेक संतों का आगमन हो रहा है।

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