भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी होनी चाहिए मित्रता: देवकीनंदन ठाकुर

जबलपुर दर्पण। पाटन के पवई धाम अमरपुर में आयोजित श्री शिव समाधान महायज्ञ के दौरान श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने सुदामा चरित्र, भगवान का निजधाम गमन की कथा का वर्णन िकया। उन्होंने सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि मित्रता करो, तो भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जैसी करो। सच्चा मित्र वही है, जो अपने मित्र की परेशानी को समझे और बिना बताए ही मदद कर दे। परंतु आजकल स्वार्थ की मित्रता रह गई है। जब तक स्वार्थ सिद्ध नहीं होता है, तब तक मित्रता रहती है। जब स्वार्थ पूरा हो जाता है, मित्रता खत्म हो जाती है।
कृष्ण-सुदामा की झांकी देख भावुक हुए श्रद्धालु
देवकीनंदर ठाकुर जी ने कहा कि एक सुदामा अपनी पत्नी के कहने पर मित्र कृष्ण से मिलने द्वारकापुरी जाते हैं। जब वह महल के गेट पर पहुंच जाते हैं, तब प्रहरियों से कृष्ण को अपना मित्र बताते है और अंदर जाने की बात कहते हैं। सुदामा की यह बात सुनकर प्रहरी उपहास उड़ाते है और कहते है कि भगवान श्रीकृष्ण का मित्र एक दरिद्र व्यक्ति कैसे हो सकता है। प्रहरियों की बात सुनकर सुदामा अपने मित्र से बिना मिले ही लौटने लगते हैं। तभी एक प्रहरी महल के अंदर जाकर भगवान श्रीकृष्ण को बताता है कि महल के द्वार पर एक सुदामा नाम का दरिद्र व्यक्ति खड़ा है और अपने आप को आपका मित्र बता रहा है। द्वारपाल की बात सुनकर भगवान कृष्ण नंगे पांव ही दौड़े चले आते हैं और अपने मित्र को रोककर सुदामा को रोककर गले लगा लिया। सुदामा चरित्र के साथ ही कथा का समापन हुआ। इस दौरान श्री कृष्णा और सुदामा की मनमोहक झांकी सजाई गई जिसे देख श्रद्धालु भाव विभोर हो उठेlव्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान पं. जितेन्द्र पचौरी, आयोजन अध्यक्ष हरिकृष्ण पचौरी, कोषाध्यक्ष श्याम मनोहर पचौरी, आयोजन प्रभारी सर्वेश पटेल, यज्ञ यजजमान राकेश पाण्डे बाम्बे, डॉ राजेश पचौरी ने किया।
108 यजमानों ने िकया हवन
कथा के पूर्व महायज्ञ के समापन दिवस अमरकंटक के पधारे ऋषभदेव महाराज के सान्निध्य में 108 यजमानों ने यज्ञ में आहुति दी। हवन एवं भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन हुआ। माँ नर्मदा के शुद्धिकरण के लिए स्वामी महेन्द्रानंद महाराज के सान्निध्य में सांकेतिक यात्रा निकाली गई। उन्होंने कहा िक माँ नर्मदा को शुद्ध करने के लिए सभी को आगे आकर काम करना होगा। पुण्य सलिला माँ नर्मदा तभी स्वच्छ होगी जब नालों की गंदगी माँ नर्मदा में प्रवाहित न हो। इस दौरान देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने भी कृष्ण जन्मभूमि के उद्धार के लिए सांकेतिक यात्रा निकाली। इस अवसर पर जबलपुर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विश्नोई, ठाकुर उदय भान सिंह, आचार्य जागेंद्र सिंह, नीलेश अवस्थी, राम मूर्ति मिश्रा, हरे कृष्णा पचोरी, श्याम मनोहर पचोरी, वरुण पचोरी, आनंद मोहन, कुलभूषण पल्हा, गौरी शंकर तिवारी, गौरव भुर्रक, आशीष गोटिया, अमिताभ साहू, स्वप्निल अग्रवाल, देवेंद्र ठाकुर, मोहरबा सिंह पटेल आदि मौजूद रहे। आयोजन के समापन पर आयोजन समिति द्वारा पुलिस प्रशासन, स्थानीय प्रशासन, बिजली विभाग सहित अन्य व्यवस्था करने वाले विभागों का आभार जताया गया।



