पुणे, बंगलुरु, चेन्नई की शीघ्र आरंभ हो वायुसेवा

जबलपुर दर्पण। युवाओं को चाहिए बेंगलुरु, पुणे तथा चेन्नई के लिए वायु सेवा क्योंकि आईटी सेक्टर एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जबलपुर के युवा इन तीन शहरों का अधिक रुख करते हैं एवं सीधी वायु सेवा न होने की वजह से उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जबलपुर को अन्य शहरों से वायु मार्ग से जोड़ने के लिए संघर्षरत वायु सेवा संघर्ष समिति के संयोजक हिमांशु खरे ने बताया कि जबलपुर से पुणे के लिए सीधी रेल सेवा की कमी है एवं बेंगलुरु और चेन्नई की रेल यात्रा में समय बहुत व्यतीत होता है तथा ट्रेनों में कंफर्म रिजर्वेशन भी मुश्किल से प्राप्त होता है। अतः जबलपुर के युवाओं का मत है की इन तीन शहरों के लिए भी सीधी वायु सेवा आरंभ की जाए।
उच्च शिक्षा – समिति की गीता शरत तिवारी, डॉक्टर पी जी नाजपांडे, हिमांशु राय, सोहन परोहा, बसंत मिश्रा ने बताया की जबलपुर के युवा अपने उच्च शिक्षा के लिए भी अधिकतर पुणे बेंगलुरु एवं चेन्नई जाते हैं। कहा जाने लगा है कि जबलपुर बुजुर्गों का शहर होता जा रहा है तथा उन बच्चों के अभिभावक सीधी वायु सेवा के अभाव में बमुश्किल अपने बच्चों तक पहुंच पाते हैं एवं वह युवा भी जबलपुर पहुंचने में कठिनाई का सामना करते हैं।
कैंपस सिलेक्शन – संघर्ष समिति के डॉ राजेश धीरावणी, शंकर नागदेव, अनूप अग्रवाल, जितेंद्र पचौरी ने बताया की जबलपुर के कॉलेज में भी बाहर से कंपनियां कैंपस सिलेक्शन के लिए नहीं आ पा रही हैं एवं जबलपुर के युवाओं को अच्छी नौकरी भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया की बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां कैंपस सिलेक्शन के लिए उन्हीं शहरों का रुख करती है जहां पर सीधी वायु सेवा उपलब्ध हो दुर्भाग्यवश जबलपुर इससे अछूता है।
सघन संपर्क – वायु सेवा के लिए संघर्षरत समिति के मनु तिवारी, प्रीति चौधरी, अजीत पवार ने इस मौके पर बताया की संघर्ष समिति द्वारा विभिन्न कॉलेजों में युवाओं के साथ संवाद एवं संपर्क का कार्यक्रम किया जा रहा है जिसमें युवा बड़े शहरों के लिए वायु सेवा के अभाव पर अपना नुकसान एवं परेशानी व्यक्त करते हैं।
समिति ने केंद्रीय विमानन मंत्री से आग्रह किया है की आगामी जून माह में जबलपुर को बेंगलुरु, चेन्नई एवं पुणे से सीधी वायु सेवा से जोड़ें क्योंकि आने वाला समय कॉलेज में एडमिशन का होगा तथा प्लेसमेंट हेतु भी कंपनियां जबलपुर आ सकें।



