माननीय को खुश कर भ्रष्टाचार की इबारत लिख रही ग्राम पंचायत नौढ़िया की सरपंच

सीधी जबलपुर दर्पण। जिले की जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत नौढ़िया में काफी भ्रष्टाचार हुआ फैला हुआ है जिसे छुपाने के लिए सरपंच पति द्वारा क्षेत्रीय विधायक को अपने आवास में बुलाकर चाय पार्टी कराते हुए फोटोग्राफी करा कर सोशल मीडिया में शेयर कर प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। यही वजह है कि ग्रामीणों के शिकायत चाय पार्टी तले दब कर रह गई ग्राम पंचायत की जांच आज तक नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम की खुलेआम धज्जियां ग्राम पंचायत नौढ़िया जमकर उड़ाई जा रही हैं। सूत्र बताते हैं कि यहां कहने को तो 10 लाख के मस्टर रोल जारी कर मजदूरी भुगतान कराया गया है जबकि एक भी जरूरतमंद को रोजगार नहीं मिला है पूरे कार्य जेसीबी मशीन से कराए गए हैं। ग्रामीणों की माने तो ग्राम पंचायत में सरपंच भले ही महिला निर्वाचित है लेकिन सरपंच के पति संतोष शुक्ला एवं उसके भतीजे की भर्रेशाही चरम पर है जो मनमानी तरीके से बिना पंचों के जानकारी एवं प्रस्ताव के निर्माण कार्य स्वीकृत कर कागजों में ही कार्य पूर्ण कर एवं कई कार्य महज खानापूर्ति के हिसाब से करा कर फर्जी मूल्यांकन के जरिए लाखों रुपए आहरण किए गए हैं और मनरेगा योजना को पलीता लगा रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताई सच्चाई-ग्राम पंचायत नौढ़िया में फैले व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि मनरेगा योजना के खेत तालाब निर्माण कार्य में हितग्राही दलवीर सिंह, मुकेश सिंह,रामाधार यादव, आशीष यादव, ददुल्ला सिंह, धनराज बहेलिया, गीता बैस, उदय भान सिंह,कुसुम कली सिंह के नाम से निर्माण कार्य स्वीकृत कर खानापूर्ति के हिसाब से कहीं 10 घंटे तो कहीं 20 घंटे जेसीबी मशीन से काम करा कर उक्त कार्यों के नाम पर 16 हजार रु से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक के मस्टर रोल भरे गए हैं एवं फर्जी मजदूरी भुगतान की गई है। इसी प्रकार पार्कोलेशन टैंक निर्माण पुलिया के पास नौढ़िया एवं पार्कोलेशन टैंक निर्माण इंद्रपाल सिंह के घर के पास के नाम से 2 लाख 64 हजार रुपए मस्टर रोल के जरिए मजदूरी आहरण कराई गई है जबकि उसमें एक भी मजदूर को रोजगार नहीं मिला है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब जिम्मेदार ही योजनाओं को पलीता लगाएंगे तो ग्रामीण कहां फरियाद करें।
पुराने तालाब का नाम बदलकर लाखों का वारा न्यारा- इस संबंध में ग्रामीण आनंद बहादुर सिंह द्वारा बताया गया कि ग्राम पंचायत नौढ़िया के टिकुरी टोला में एक दशक पूर्व वाटर शेड योजना के तहत तालाब बनवाया गया था उसी का नाम बदलकर जेसीबी मशीन से 8-10 घंटे काम करा कर लाखों रुपए मजदूरी के नाम पर आहरण कराया गया है। इतना ही नहीं ग्राम पंचायत में लाखों रुपए का फर्जी बिल भुगतान किए गए हैं और ऐसे भी बिल हैं जिस निर्माण कार्य के नाम से भुगतान किया गया वह जमीन में काम ही नहीं किया गया है।अगर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा टीम के साथ निष्पक्ष जांच की जाए तो लाखों रुपए का घोटाला उजागर हो सकता है।



