गीता धाम में श्रीमद्भागवत कथा: स्वामी नरसिंह दास जी ने बच्चों में श्रीराम-कृष्ण के संस्कारों की शिक्षा को बताया आवश्यक

जबलपुर दर्पण । गीता धाम में कार्तिक मास के अवसर पर 21 से 27 अक्टूबर तक आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण में स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर बच्चों में श्रीराम और श्रीकृष्ण के संस्कारों का महत्व बताया। उन्होंने व्यास पीठ से कहा कि भगवान श्रीहरि, माता कौशल्या और मां यशोदा के आशीर्वाद से अवतरित होकर बच्चों को मर्यादा, अनुशासन, और मातृ-पितृ भक्ति की प्रेरणा देते हैं। बच्चों को संस्कारित कर भारतीय संस्कृति से जोड़ना वर्तमान युग की महत्त्वपूर्ण आवश्यकता है। कथा के चतुर्थ दिवस पर शनि धाम के आचार्य जगदेव मिश्रा, आचार्य रामफल शास्त्री, हिमांशु शास्त्री, प्रियांशु मिश्रा, राम भगत गुप्ता, लक्ष्मी प्रसाद, कुसुम, रेखा, लखनलाल, गुलाब रानी, डॉ. दुर्गेश, डॉ. रत्ना श्रीकांत, प्रवीण, संदीप, सुनील, प्रदीप मिश्रा, शिवकुमारी, मेवालाल, और गीता गुप्ता ने श्रीमद्भागवत जी का विधिपूर्वक पूजन किया। नरसिंह पीठाधीश्वर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से नंदोत्सव और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की कथा का रसास्वादन करा रहे हैं। गीता धाम भक्त मंडल ने सभी श्रद्धालुओं से इस कथा में सम्मिलित होकर धर्म लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।



