श्रीकृष्ण प्रकृति के पोषक: स्वामी नरसिंह दास

जबलपुर दर्पण। श्रीकृष्ण ने गोकुल ,वृंदावन में बाल गोपाल को एकजुट कर समाज हित के कार्यों से जोड़ा। बचपन से ही प्राकृतिक, सामाजिक आवश्यकता की समझदारी बच्चों में आ जाएं तो पर्यावरण संरक्षण बहुत सरलता से हो सकता है श्रीकृष्ण की गोवर्धन पूजा, ग्वाल बालों के साथ गौ चारण लीला पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। बालपन में ही जल पृथ्वी आकाश से परिचित कराने श्रीकृष्ण की लीलाओं से सभी को शिक्षित किया जा सकता है। श्रीकृष्ण प्रकृति के पोषक है हर पेड़ पौधे, गौमाता में श्रीहरि के दर्शन करवाए उक्त उद्गार नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज ने कार्तिक मास के अवसर पर गीता धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण के पंचम दिवस नंदोत्सव और बाल लीलाओं की कथा में व्यास पीठ से कहे।
भगवान योगेश्वर पारदेश्वर महादेव, श्रीमद्भागवत जी का पूजन अर्चन शनि धाम के अशोक मनोध्या, आचार्य रामफल शास्त्री, हिमांशु शास्त्री, राजेन्द्र यादव,प्रियांशु मिश्रा ,राम भगत गुप्ता, लक्ष्मी प्रसाद. कुसुम. रेखा. लखनलाल. गुलाब रानी. डॉ दुर्गेश शिल्पा. डॉ रत्ना श्री कांत., प्रवीण . संदीप. सुनील.प्रदीप मिश्रा, शिवकुमारी. मेवालाल गीता गुप्ता ने किया। कार्तिक मास के अवसर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पुराण में 21से 27 अक्टूबर तक दोपहर 3 बजे से व्यास पीठ से नंदोत्सव और श्रीकृष्ण रुक्मणी मंगल की कथा नरसिंह पीठाधीश्वर डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास जी महाराज श्रवण करायेंगे, नरसिंह मंदिर गीता धाम भक्त मंडल ने उपस्थित होकर धर्म लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।



