आचार्य विद्यासागर जी के प्रथम समाधि दिवस पर 1 लाख बच्चों को सुवर्ण प्राशन और पोषण आहार वितरण

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया शुभारंभ
जबलपुर दर्पण। आचार्य विद्यासागर जी महाराज के प्रथम समाधि स्मृति दिवस के अवसर पर जबलपुर जैन समाज के पूर्णायु आयुर्वेद चिकित्सालय एवं अनुसंधान विद्यापीठ ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इस कार्यक्रम के तहत, जबलपुर के सरकारी स्कूलों में 1 लाख बच्चों को सुवर्ण प्राशन (स्वर्ण धातु का सेवन) कराया जाएगा, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी। यह सुवर्ण प्राशन बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक सिद्ध होगा।
इसके अतिरिक्त, 6 फरवरी से 18 फरवरी तक मध्यप्रदेश के कुपोषित और अल्प भार वाले 1 लाख बच्चों को पोषण आहार किट वितरित की जाएगी। यह पहल प्रदेश में बच्चों के स्वास्थ्य सुधार और कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “स्वर्ण प्राशन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने का एक अद्भुत प्रयास है, जो बच्चों के समग्र विकास में सहायक होगा। इसके साथ ही कुपोषण के खिलाफ यह एक प्रेरणादायक पहल है।”
मुख्यमंत्री ने पूर्णायु आयुर्वेद चिकित्सालय परिसर में स्थित गौशाला की सराहना भी की और उसके प्रबंधन के लिए जैन समाज की प्रशंसा की। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कोषाध्यक्ष सीए अखिलेश जैन, जबलपुर जैन पंचायत सभा के अध्यक्ष कैलाश चंद्र जैन, महामंत्री अनिल जैन सहित कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम में जबलपुर जैन समाज द्वारा आचार्य विद्यासागर जी की पुण्य स्मृति में किए गए इस आयोजन को सफल बनाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया और आचार्य श्री का चित्र भेंट किया।
यह पहल न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगी बल्कि समाज में कुपोषण के खिलाफ एक सशक्त संदेश भी देगी।



