वन परिक्षेत्र शाहपुर में चल रही सरकारी लकड़ी के चट्टों की काला बाजारी

डिंडोरी,जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जिले के वन परिक्षेत्र शाहपुर में पदस्थ डिप्टी रेंजर व स्टाफ की मनमानी चरम सीमा पर है। शाहपुर बीट के अंतर्गत आने वाले वनरक्षकों द्वारा मिलीभगत करते हुए सरकारी लकड़ी के चट्टों की कालाबाजारी की जा रही है, जहां सरकारी अभिलेख में प्रत्येक चट्टे की कीमत लगभग 397 रूपए दर्ज किया जा रहा है, जबकि पदस्थ स्टाफ द्वारा अधिकारी कर्मचारियों से मिलीभगत करते हुए ईट भट्ठा के संचालन कर रहे लोगों को ऊंची कीमत पर अवैध रूप से लकड़ी के चट्टों को बेची जा रही है। आरोप लगाया गया कि ईट भट्ठा का संचालन कर रहे लोगों को प्रत्येक लकड़ी के चट्टों की कीमत 700 से 900 रूपए प्रत्येक चट्टे की दर से अवैध वसूली की जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 200 लकड़ी के चट्टे जमगांव, बटऔंधा सहित अन्य आसपास के गांवों को जलाऊ लकड़ी के लिए दिए गए हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति को सरकारी रेट पर लकड़ी उपलब्ध नहीं कराई गई है,बल्कि सरकारी रेट से डबल रुपए ग्रामीणों से वसूले गए।लोगों की मानें तो क्षेत्र में जलाऊ लकड़ी की सख्त जरूरत है, जिन्हें लकड़ी प्रदान नहीं की जा रही है ,जबकि इन्हीं लकड़ियों को ईट भट्ठों का व्यवसाय करने वाले लोगों को ऊंची कीमतों पर राशि वसूली के बाद बेची जा रही है।मजबुरन कुछ ईट भट्ठों का व्यवसाय करने वाले लोग ऊंची कीमतों में ही लकड़ी के चट्टों को खरिदेने को मजबुर है, जबकि लकड़ी खरिदी के रसीद काटकर भी नहीं दिया जा रहा, स्थानीय लोगों ने जांच कराकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है।



