रादुविविविद में कुलपति के खिलाफ एनएसयूआई का उग्र प्रदर्शनपुलिस बल की तैनाती से टला बड़ा विवाद, विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविविविद) में मंगलवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कुलपति के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित मिश्रा और जिला अध्यक्ष सचिन रजक के नेतृत्व में कार्यकर्ता कुलपति पर कालिख पोतने का प्रतीकात्मक प्रयास करते हुए हाथ में ग्लव्स और कालिख से भरी बाल्टी लेकर कुलपति कक्ष की ओर बढ़े। हालांकि समय रहते पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया और कार्यकर्ताओं को बलपूर्वक रोका गया। एनएसयूआई का आरोप है कि कुलपति अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही का घोर अभाव है। कार्यकर्ताओं ने यह कदम प्रतीकात्मक विरोध के रूप में उठाया ताकि विश्वविद्यालय प्रशासन को नैतिकता का आईना दिखाया जा सके। प्रदर्शनकारी कार्यपरिषद की बैठक में घुसने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें बैठक कक्ष से दूर ही रोक दिया, जिससे टकराव की स्थिति बन गई। कुछ देर के लिए परिसर में उच्च तनाव का माहौल व्याप्त हो गया। उल्लेखनीय है कि मामला केवल छात्र राजनीति तक सीमित नहीं है, क्योंकि उच्च न्यायालय ने भी अपने आदेश में यह संकेत दिया है कि कुलपति द्वारा जांच को प्रभावित करने के प्रयास किए गए हैं। साथ ही, जबलपुर कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत शपथ-पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि वे विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच प्रक्रिया से असंतुष्ट हैं। एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस विरोध को तब तक जारी रखेंगे जब तक विश्वविद्यालय में नैतिकता, पारदर्शिता और गरिमा की पुनर्स्थापना नहीं होती।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख कार्यकर्ता अमित मिश्रा (प्रदेश उपाध्यक्ष), सचिन रजक (जिलाध्यक्ष), नीलेश महार, राहुल यादव, अनुज यादव, मो. अली, हर्षु ठाकुर, प्रतीक शुक्ला, अभिषेक दहिया, पुष्पेंद्र गौतम सहित अन्य एनएसयूआई सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर परिसर में शांति बहाल कर दी है।



