जिले में पहली बार होगा भगवान जगन्नाथ रथयात्रा का भव्य आयोजन

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। डिंडोरी जिले में पहली बार माँ नर्मदा की पावन भूमि में अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ इस्कॉन के द्वारा भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन इस्कॉन उज्जैन की प्रेरणा से हो रहा है, जो कि पूरे मध्यप्रदेश में 34 स्थानों पर रथयात्रा निकाल रहा है। रथ यात्रा का नेतृत्व प्रेम स्वामी महाराज कर रहे हैं, जो इस्कॉन उज्जैन के अध्यक्ष और दीक्षा गुरु हैं। बताया गया कि तीन किलोमीटर तक रथ यात्रा का आयोजन होगा। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा दोपहर 1 बजे कंपनी चौक, पुरानी डिण्डौरी से शुरू होकर चंद्रविजय कॉलेज में पूर्ण होगी। रथयात्रा के समापन पर शाम 7 बजे भव्य भंडारे (प्रसाद वितरण) का आयोजन होगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को श्री जगन्नाथ भगवान का महाप्रसाद प्राप्त होगा। 15 फीट ऊँचा विशेष रथ, जिसमें 10 फीट ऊँचा समायोज्य गुंबद भी है।
उज्जैन से तैयार होकर आएगा भगवान जगन्नाथ का रथ।
जानकारी में बताया गया कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए रथ उज्जैन से तैयार होकर डिण्डौरी लाया जा रहा है। इस दौरान उज्जैन से डिंडौरी तक पूरे मार्ग में 20 से अधिक स्वागत स्थलों पर भगवान की आरती, छप्पन भोग, पुष्पमाला और रंगोली के साथ जोरदार स्वागत किया जाएगा। यात्रा में आदिवासी सांस्कृतिक दल शोभायात्रा में विशेष आकर्षण के रूप में आदिवासी सांस्कृतिक दल शामिल होंगे, जो पारंपरिक कीर्तन और नृत्य द्वारा भगवान श्रीजगन्नाथ की सेवा करेंगे। उज्जैन से 50 भक्तों की टोली भी इस रथयात्रा में भाग लेने आएगी, जो पूरे मार्ग में हरिनाम संकीर्तन करती हुई वातावरण को भक्तिमय बनाएगी। जिले भर में गांव गांव जाकर निमंत्रण भी दिया जा रहा है, रथयात्रा के पूर्व में समिति के सदस्यों द्वारा गांव-गांव जाकर निमंत्रण दिए जा रहे हैं। समिति के सदस्यों ने बताया कि लगभग 20,000 लोग इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होकर श्री जगन्नाथ जी का दर्शन और महाप्रसाद प्राप्त करेंगे। गौरतलब है कि रथयात्रा समरसता और आध्यात्मिक एकता का पर्व है, जो सभी वर्गों को एक मंच पर लाकर भक्ति और सेवा से जोड़ता है। इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य श्रील प्रभुपाद ने 1967 में पहली बार भारत की भूमि से बाहर यह रथयात्रा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में निकाली थी। उन्हीं के शिष्य भक्ति चारू स्वामी महाराज ने मध्यप्रदेश में रथयात्राओं के व्यापक आयोजन का स्वप्न देखा था। अब भक्ति प्रेम स्वामी महाराज उस संकल्प को पूरा कर रहे हैं। डिण्डौरी की भूमि, जो नर्मदा नदी के तट पर बसी है और जहां का जनमानस आदिकाल से भगवान जगन्नाथ के प्रति श्रद्धा से ओतप्रोत है, इस महापर्व का साक्षी बनने जा रहा है।समिति ने डिण्डौरी के सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और श्रद्धालु जनों से अनुरोध किया है कि इस भक्ति, समरसता और आनंद के उत्सव में पूरे उत्साह के साथ भाग लें सकेंगे।
