मूंग और उड़द उत्पादक किसानों में आक्रोश ,सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मूंग और उड़द की न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी पर खरीदी न करने के फैसले ने प्रदेशभर के किसानों में आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक वर्णवाल के हालिया बयान के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मूंग और उड़द की एमएसपीपर खरीदी नहीं करेगी।इस बयान के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य सरकार के खिलाफ किसानों ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जताते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।भारतीय किसान संघ महाकौशल प्रांत के महामंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने सरकार को खुले पत्र के माध्यम से आड़े हाथों लेते हुए पूछा है कि आखिर सरकार किसानों की मेहनत और लागत को दरकिनार कर कैसे ऐसे निर्णय ले सकती है। उन्होंने कहा, “मूंग और उड़द जैसी प्रमुख दलहनी फसलों की एमएसपी पर खरीदी बंद करने का सीधा असर किसानों की आजीविका पर पड़ेगा।”किसान संघ का ऐलान – मंडियों में चलेगा जागरूकता अभियानकिसान संघ ने ऐलान किया है कि वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करेगा। इसके अंतर्गत सोमवार से महाकौशल प्रांत की सभी प्रमुख मंडियों में किसान कार्यकर्ता पहुंचकर उड़द और मूंग की बिक्री न होने से होने वाले आर्थिक नुकसान के बारे में किसानों से चर्चा करेंगे और सरकार की नीतियों के प्रति उन्हें जागरूक करेंगे।प्रह्लाद सिंह पटेल ने सरकार से यह भी मांग की है कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और मूंग व उड़द की एमएसपी पर तत्काल प्रभाव से खरीदी शुरू करने की घोषणा करे, ताकि किसानों का विश्वास बना रहे और कृषि क्षेत्र में असंतोष की भावना न पनपे।सरकार की चुप्पी बनी चिंता का कारणइस मुद्दे पर अब तक मुख्यमंत्री या किसी अन्य वरिष्ठ मंत्री की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, जिससे किसानों का आक्रोश और गहराता जा रहा है। आने वाले दिनों में यदि समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है।



