भोपाल दर्पणमध्य प्रदेश

भोपाल में बीजेपी ओबीसी मोर्चा की कार्यशाला, जातिगत जनगणना पर जोर, कांग्रेस पर तीखा हमला

भोपाल जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बीजेपी के प्रदेश कार्यालय में ओबीसी मोर्चा द्वारा जातिगत जनगणना को लेकर एक प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद डॉके लक्ष्मण, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, मंत्री कृष्णा गौर, सांसद गणेश सिंह सहित प्रदेश भर से ओबीसी वर्ग के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जातिगत जनगणना के महत्व को रेखांकित करना और मोदी सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति तैयार करना था।

मोदी सरकार की उपलब्धियां कांग्रेस 60 साल में नहीं कर पाई -डॉ के लक्ष्मण ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा, “मोदी सरकार ने वह काम किया, जो कांग्रेस 60 साल की सत्ता में रहकर भी नहीं कर पाई। ऑपरेशन सिंदूर के तहत हमारी सेनाओं ने आतंकवादियों के ठिकानों को ध्वस्त किया। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद ओबीसी समाज के कल्याण के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में ओबीसी समुदाय को नई दिशा दी गई, जो कांग्रेस की सरकारें कभी सोच भी नहीं पाईं।लक्ष्मण ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “जब भी मोदी जी विकास की बात करते हैं, तब कांग्रेस और राहुल गांधी जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का प्रयास करते हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने संविधान की किताब दिखाकर यह भ्रामक प्रचार किया कि अगर बीजेपी तीसरी बार सत्ता में आई तो संविधान और आरक्षण खत्म कर देगी। यह सरासर झूठ था। ओबीसी मोर्चा के कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे गांव-गांव जाकर मोदी सरकार की 11 साल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएं।

नेहरू और कांग्रेस पर जातिगत जनगणना रोकने का आरोप -डॉ लक्ष्मण ने कांग्रेस की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “1881 से जातिगत जनगणना नियमित रूप से होती थी। लेकिन 1947 में आजादी के बाद, जब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बने, तो 1948 में सेंट्रल सेंसस एक्ट लाया गया और 1951 में होने वाली जातिगत जनगणना को रोक दिया गया। नेहरू ने स्पष्ट कहा कि हम जाति के आधार पर जनगणना नहीं चाहते।उन्होंने आगे बताया, “1953 में काका कालेलकर कमीशन का गठन हुआ, जो ओबीसी के लिए पहला आयोग था। लेकिन 17 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद नेहरू सरकार ने इसकी सिफारिशों को लागू नहीं होने दिया। बाद में, जब मोरारजी देसाई की सरकार आई, तो मंडल कमीशन का गठन हुआ। इस कमीशन ने केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में ओबीसी के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की। लेकिन जब इंदिरा गांधी सत्ता में आईं, तो उन्होंने भी मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू नहीं होने दिया।

कांग्रेस पर झूठे प्रचार का आरोप -लक्ष्मण ने कहा कि कांग्रेस आज भी ओबीसी समाज के हितों के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रही है। “जब भी कांग्रेस सत्ता में आई, उसने पिछड़े वर्ग के हितों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। आज जो लोग यह कह रहे हैं कि बीजेपी आरक्षण खत्म कर देगी, उन्हें सच बताने की जरूरत है। मोदी सरकार ने न केवल ओबीसी आरक्षण को मजबूत किया, बल्कि संवैधानिक दर्जा देकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को और सशक्त बनाया।

बीजेपी नेताओं ने दिया जोरदार समर्थन -बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा, “मोदी सरकार ने ओबीसी समुदाय के लिए जो काम किए, वे ऐतिहासिक हैं। चाहे शिक्षा में अवसर हों, रोजगार के मौके हों, या सामाजिक समावेशन की बात हो, बीजेपी ने हर क्षेत्र में पिछड़े वर्ग को मुख्यधारा में लाने का काम किया है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर मोदी सरकार की योजनाओं, जैसे मुद्रा योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत, के लाभ ओबीसी समुदाय तक पहुंचाएं।

ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह ने कहा, “जातिगत जनगणना न केवल सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगी, बल्कि ओबीसी समुदाय की वास्तविक स्थिति को सामने लाएगी। यह कार्यशाला हमें एक रणनीति बनाने में मदद करेगी, ताकि हम केंद्र सरकार के समर्थन में इस मुद्दे को और मजबूती से उठा सकें।

कार्यशाला का उद्देश्य और रणनीति -कार्यशाला में जातिगत जनगणना के महत्व, इसके लाभ, और इसे लागू करने की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा हुई। बीजेपी ओबीसी मोर्चा ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जाकर लोगों को यह समझाएं कि जातिगत जनगणना से ओबीसी समुदाय को सरकारी योजनाओं और आरक्षण का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से मिलेगा। सांसद गणेश सिंह ने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा ओबीसी समुदाय को वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन बीजेपी ने उनके सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए। हमारा लक्ष्य है कि 2026 की जनगणना में जातिगत आधार को शामिल किया जाए, ताकि सामाजिक न्याय का रास्ता और मजबूत हो।

कांग्रेस पर सियासी हमला -कार्यशाला में मौजूद मंत्री कृष्णा गौर ने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा ओबीसी समुदाय को धोखा दिया। जब मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने का समय आया, तो कांग्रेस ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। आज राहुल गांधी संविधान की बात करते हैं, लेकिन उनकी पार्टी ने ही ओबीसी के हक को दबाया।

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