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जिस सचिव के पास एक नही दो -दो पंचायतो के प्रभार, वह एक महीने से लापता,

लवकुशनगर/गौरिहार। कोरोना वैश्विक महामारी काल में जहाँ जिले के आला अफसर रात दिन संघर्ष कर आमजन की व्यवस्थाओं में लगे है वहीं दो-दो ग्राम पंचायतों का प्रभार संभालने वाले सचिव विगत एक माह से मुख्यालय से नदारत है। ऐसा ही मामला जनपद गौरिहार की ग्राम पंचायत मिश्रनपुर व महोई खुर्द का सामने आया है जहाँ पदस्थ सचिव कही एक माह तो कही 20 दिनों से कार्यालय की चाबी लेकर लापता है। जिसके चलते कोरोना काल में उच्चाधिकारियों द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन सुनिश्चित नही हो पा रहा।

सरपंच ने सीईओ से की शिकायत फिर भी काम पर नही लौटा सचिव

इस बात की शिकायत सरपंच श्रीमती केशरी अहिरवार ने जनपद कार्यालय पहुँचकर सीईओ केपी द्ववेदी से की है। शिकायत में सरपंच ने बताया कि ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव लीला विहारी पाल विगत एक माह से बिना बताये पंचायत कार्यालय की चाबी लेकर लापता है। सरपंच ने बताया यह पहला मौका नही जब सचिव बिना सूचना के लापता है कई बार ऐसा हो चुका है जब वे इसी तरह मुख्यालय से नदारत हो जाते है। सचिव के अनुपस्थित रहने के कारण मनरेगा योजना के सारे काम ठप्प पड़े है। समूचे जनपद क्षेत्र में प्रति दिवस की प्रोग्रेस ग्रुपों में डाली जाती है लेकिन मिश्रनपुर पंचायत का डाटा जीरो जाता है।

पंचायत स्तर पर नही हो पा रही व्यवस्थायें

सरपंच ने बताया कि चल रहे कोरोनकाल के दौरान प्रशासन ने सभी ग्राम पंचायतों में पदस्थ सचिवों को प्रवासी लोगों के आगमन की सूचना एकत्रित करने सहित तमाम तरह की व्यवस्थाये बनाये जाने के निर्देश दिये है किंतु बेपरवाह सचिव लीला विहारी पाल के एक माह से विना सूचना के लापता होने से किसी भी प्रकार की जानकारी डाटा आदि सूचनायें नही वरिष्ठ कार्यालय नही पहुँच पा रही है। ऐसे हालातों में सचिव का कार्यालय की चाबी सहित गायब रहना घोर लापरवाही के दायरे में आता है। जिसे तत्काल जनपद मुख्यालय में अटैच कर किसी अन्य सचिव को प्रभार सौंपे जाने की मांग की गई है।

सचिव की कई बार हो चुकी है शिकायत लेकिन कार्रवाई के नाम पर हो जाती है लीपापोती

यह पहला वाकिया नही जब सचिव द्वारा अपने कार्य के प्रति लापरवाही की गई हो इससे पहले भी सचिव लीला विहारी पाल द्वारा इस तरह के आचरण किये जाते रहे है। इनके कार्य व्यवहार से जहाँ पंचायत के विकास स्तर के सभी कार्य बाधित है तो वहीं हितग्राही मूलक लोगों के कार्य भी रुके हुये है। जिसकी शिकायत समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों से की जाती रही है। सरपंच ने बताया कि सचिव द्वारा न तो मेरा मोबइल उठाया जाता और न जनपद सीईओ साहब का। उसे किसी बात का भय नही वह अपनी मर्जी से मोबइल उठाता है फिर चाहे कितना भी जरूरी कार्य क्यों न हो। इस कृत्य के लिये सचिव के ऊपर निलंबन जैसी कार्रवाई भी हो चुकी है।

20 दिनों से नही पहुँचे महोई खुर्द

वैसे तो ग्राम पंचायत मिश्रनपुर का सचिव को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इनकी मूल पंचायत महोई खुर्द है यहाँ भी सचिव बिना सूचना के विगत 20 दिनों से गायब है जिसकी शिकायत सरपंच रामकिशोर पटेल ने गत दिनों जनपद सीईओ केपी द्ववेदी से की थी। सचिव की लापरवाही की शिकायत मिलने पर जनपद सीईओ ने कलेक्टर को पत्र लिखकर सचिव लीला विहारी पाल द्वारा 20 दिवस से मोबइल बंद रखने सहित ग्राम पंचायत मुख्यालय से नदारत रहने तथा हितग्राही मूलक व कोरोनकाल में सहयोग न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई किये जाने का लेख किया गया था। लेकिन आज दिनांक तक कार्रवाई प्रस्तावित नही हुई। सूत्रों की अगर माने तो जनपद सीईओ द्वारा सीधे कलेक्टर को पत्र लिखना जिले के एक बड़े अधिकारी को नागवार गुजरा और उन्होंने इस मामले की फाइल ही कई परतों के नीचे दबा दी। अब जबकि दूसरी पंचायत के सरपंच ने सचिव के गायब रहने की शिकायत की है तो ऐसे में सचिव के विरुद्ध क्या कार्रवाई होगी यह देखना दिलचस्प रहेगा।

सरपंच द्वारा शिकायत प्राप्त हुई है प्रथम दृष्टया सचिव की बेतन रोकने की कार्रवाई की गई है पूर्व में महोई खुर्द
की शिकायत पर कलेक्टर को पत्र लिखा गया था।
केपी द्विवेदी जनपद सीईओ गौरिहार

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