भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में हुआ ऐतिहासिक आंदोलन

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । पनागर की पावन भूमि बुधवार को किसानों की एकजुटता का प्रतीक बनी, जब भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा विशाल ट्रैक्टर रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। इस मौके पर किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख मुद्दे रखे।
विभिन्न तहसीलों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने अनुशासन और दृढ़ता के साथ प्रदर्शन किया। पनागर की चारों दिशाओं से निकली ट्रैक्टर रैली ने यह संदेश दिया कि जब किसान एकजुट होते हैं, तो कोई भी शासन-प्रशासन उनके हक और अधिकारों को दबा नहीं सकता। किसानों की यह एकता महाकौशल क्षेत्र से पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक सशक्त संदेश बनकर सामने आई।
किसानों ने पराली प्रबंधन पर लगाए गए अनुचित प्रतिबंधों को हटाने, बढ़े हुए बिजली बिलों और हार्सपावर की समस्या का समाधान करने, खाद की सुगमता और किसान सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों ने कहा कि यदि इन मुद्दों पर शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई, तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।
जिले के अधिकारियों ने किसानों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर आश्वासन दिया कि किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और पराली जलाने को लेकर किसी भी किसान पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।
आंदोलन की सफलता में भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष विवेक पटेल, राष्ट्रीय महासचिव किशन पटेल, जिला अध्यक्ष रामराज पटेल, ओबीसी जिला अध्यक्ष छोटे पटेल, संभागीय अध्यक्ष (बेला) रामराज पटेल, किसान समाज संगठन के संस्थापक अध्यक्ष दीवान जितेंद्र पटेल, वरिष्ठ समाजसेवी राजेश पटेल (बिजुआ), तथा संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।
किसान समाज संगठन से सचिन, अखिलेश, शारदानंद पटेल, ब्लॉक अध्यक्ष नवीन पटेल, आनंद प्रकाश पटेल, सत्यम पटेल सहित पनागर, पाटन, मझौली, गोसलपुर, सिहोरा और जबलपुर जिले के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने “जय जवान, जय किसान” और “किसान एकता जिंदाबाद” के नारे लगाकर एकता और संघर्ष का संदेश दिया।



