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परम् पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की हालत गंभीर,

नई दिल्ली। झूठे आरोपों के तहत् जोधपुर कारागार में रखे गये 86 वर्षीय संत आशारामजी बापू के स्वास्थ्य की स्थिति अत्यंत नाजुक है। जेल जाने से पूर्व 74 वर्ष की उम्र में अतिव्यस्त जीवनशैली के बावजूद बापूजी को सिर्फ ट्राइजेमिनल न्यूरात्जिया व पीठ दर्द की तकलीफ थी लेकिन 11.5 वर्ष से अधिक समय से लगातार कस्टडी के तनावयुक्त वातावरण से अब 86 वर्ष की इस वयोवृद्ध अवस्था में उनको हृदयरोग, मधुमेह, आँतों में छाले, घाव व सूजन पौरूष संचि की वृद्धि एवं रक्ताल्पता आदि नयी बीमारियों ने भी घेर लिया है। तनावमुक्त वातावरण में इच्छानुसार चिकित्सा आदि के अभाव से इन प्राणघातक बीमारियों की निवृत्ति न होने से उनका स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। बापू आशारामजी 13 जनवरी से 6 फरवरी 2024 तक जोधपुर के एम्स अस्पताल में कार्डियक आई.सी.यू. में भर्ती रहे हैं। AIIMS की रिपोर्ट के अनुसार उनके हृदय में 3 गंभीर (99%%, 90% और 75%) ब्लॉकेज हैं। बापूजी को लगातार रक्तस्राव हो रहा है, जिसकी वजह से उनके हीमोग्लोबिन का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। उनकी गंभीर शारीरिक स्थिति को देखते हुए हाल ही में पैरोल की अजी लगायी गई थी जिसे उनके रोग की भयानकता को अनदेखा करके रद्द कर दिया गया।

बापू आशाराम जी ने अपना सारा जीवन समाज हित में लगा दिया फिर भी उनके स्वास्थ्य की इतनी गंभीर स्थिति में उन्हें सटीक इलाज के लिए किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिली है।

2022 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि “कैदी को खराब स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत देने में उदारता बरती जानी चाहिए। व्यक्ति की सेहत ठीक रहे यह सबसे जरूरी है। उसकी सेहत से संबंधित समस्याओं का राज्य सरकार ध्यान रखे, न्याय पालिका को भी इसे सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ देखना चाहिए।” यह हर नागरिक का ऐसा संवेदनशील मौलिक अधिकार है जिसकी रक्षा होनी ही चाहिए। लेकिन बापू आशारामजी के मौलिक अधिकार का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है।

पॉक्सो एक्ट व गैंगरेप की धारा में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति को पहले स्वास्थ्य के आधार पर और बाद में बेटी की शादी के लिए बेल दी गई। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, आन्ध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू, पहलवान सुशील कुमार, दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र कुमार जैन, सुपरटेक ग्रुप के चेयरमेन आर. के. अरोड़ा, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक आदि को हफ्तों-हफ्तों, महिनों-महिनों के लिए राहत दी गयी। हरियाणा के पूर्व चीफ मिनिस्टर ओम प्रकाश चौटाला को हार्ट का प्रॉब्लम था और स्पेशिफिकली उस कारण के लिए उन्हें बेल मिली। इनके अलावा ऐसे तो अनेकों उदाहरण हैं।

नीलू दीदी, लता रघुवंशी, नम्रता श्रीवास्तव, मोतीराम जी मखीजा, ओम रमानी,दिनेश मिश्रा , वी पी मिश्रा,महेश छलोत्रे, अनिल कुमार गुप्ता ,पप्पू भाई हरिओम ने सरकार से प्रार्थना की है कि घोटाले, हत्या, मनी लॉडिंग आदि के आरोपियों, दोषियों को जब राहत दी जाती है तो निर्दोष संत आशारामजी बापू को उनकी इच्छा के अनुरूप उचित इलाज कराने से क्यों वंचित रखा जा रहा है? यह उनके मानवाधिकारों व संवैधानिक अधिकारों का हनन है। श्री योग वेदांत सेवा समितियों, समस्त साधकों. नारी संगठनों एवं कई हिन्दू संगठनों द्वारा माँग है कि सरकार द्वारा पूज्य बापूजी को यथेच्छित स्थान पर यथानुकूल चिकित्सा पद्धति द्वारा उपचार हेतु शीघ्रातिशीघ्र राहत दी जानी चाहिए।
3 मार्च को सिंधी धर्मशाला से ओमती ,तुलाराम चौक ,कर्मचंद चोक,मालवीय चौक, तीन पत्ती ,नौद्रा ब्रिज होते हुए वापिस धर्मशाला में समाप्त हो जायेगी

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