सुप्रीम कोर्ट ने मप्र सरकार को फटकार
जबलपुर दर्पण। ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों में कार्रवाई में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने सभी ओबीसी से जुड़े मामलों को 24 सितम्बर को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं। ओबीसी वर्ग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी, अनूप जॉर्ज चौधरी, रामेश्वर सिंह ठाकुर, वरुण ठाकुर और विनायक प्रसाद शाह ने पक्ष रखा। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा एवं जस्टिस ए.एस. चंदूरकार की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले छह वर्षों तक “नींद में” रही, जिसके कारण हजारों अभ्यर्थी चयन से वंचित हो गए। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि जब कानून पर कोई स्थगन आदेश (स्टे) नहीं था, तो सरकार ने इसे लागू करने में देरी क्यों की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अब तक पारित अपने सभी अंतरिम आदेशों के प्रभाव को “सार्थकता विहीन” करार दिया। संभावना जताई जा रही है कि अगली सुनवाई में शीर्ष अदालत इस मामले से जुड़े सभी प्रकरण मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को वापस भेज सकती है।



