जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक सम्पन्न

बालाघाट जबलपुर दर्पण । आगामी दिनों में आने वाले गणेश उत्सव, ईद-मिलाद-उन-नबी, दुर्गा उत्सव, दशहरा, विश्वकर्मा जयंती, रघुनाथ शाह बलिदान दिवस, महर्षि वाल्मिकी जयंती, दीपावली, भगवान बिरसा मुंडा जयंती, गुरूनानक जयंती व क्रिसमस त्यौहारों के दौरान जिले में कानून व्यवस्था एवं शांति बनाये रखने की दृष्टि से 26 अगस्त को कलेक्टर श्री मृणाल मीना की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक सराफ, अपर कलेक्टर श्री जीएस धुर्वे, सहायक कलेक्टर श्री आकाश अग्रवाल, एसडीएम श्री गोपाल सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री करहालिया, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती ठाकुर, अन्य विभागों के अधिकारी एवं सभी धर्मो से जुड़ी संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।
कानून व्यवस्था के दायरे में कार्यक्रमों का आयोजन हो
कलेक्टर श्री मृणाल मीना ने बैठक में कहा कि जिले में सभी धार्मिक आयोजन एवं त्यौहार कानून के दायरे में रहकर आपसी समन्वय एवं सामाजिक सद्भाव के साथ मनाए जाए। आगामी दिनों में आने वाले त्यौहारो के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में सभी सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाऍ तथा जिला प्रशासन को सहयोग करे। जिला प्रशासन सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तत्परता के साथ कार्य करेगा और किसी भी व्यक्ति को जिले की शांति भंग नही करने देगा।
सोशल मीडिया पर पुलिस की रहेगी पैनी नजर
पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने बैठक में कहा कि गणेश उत्सव एवं दुर्गा उत्सव के सभी पंडालों में अग्नि सुरक्षा टीम एवं सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगे होने चाहिए। मांसाहार करने वाले व्यक्ति इस बात का ध्यान रखे कि मांस के अपशिष्ट का सही निस्तारण करे और उसे यहां वहां न फैलने दे। इससे किसी अनहोनी घटना की आशंका रहती है। उन्होंने बैठक में चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाऍ भड़काने वाली, अफवाह, गलत वीडियो या सूचना पोस्ट नही करेगा। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करते पाया जाएगा तो उसके विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई भी पंडाल बिजली के खुले तारों के नीचे न बनाए जाए और पंडाल में बिजली कनेक्शन आदि पूरी सुरक्षा के साथ होने चाहिए।
निर्धारित मापदण्ड से अधिक आवाज के ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने पर होगी कार्यवाही
बैठक में तय किया गया कि गणेश उत्सव के दौरान 27 अगस्त को गणेश जी की मूर्ति स्थापना के साथ ही इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि कोई भी पण्डाल सड़क पर न रहे और उसके कारण यातायात प्रभावित न हो। यदि कोई पंडाल सड़क पर बना लिया गया है तो उसे समय रहते सड़क को छोड़कर पीछे कर लिया जाए। गणेश जी की मूर्ति स्थापना करने वाले सभी आयोजक पर्याप्त संख्या में अपने वालिंटियर्स तैनात करेंगे और उन्हें परिचय पत्र भी देंगे। पंडाल में रात्रि के दौरान वालिंटियर्स अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे। सभी पंडाल में आयोजन समिति के अध्यक्ष, पदाधिकारी एवं वालिंटियर्स के मोबाईल नम्बर की सूची उपलब्ध की जाएगी। सभी आयोजको को एक चेक लिस्ट दी जाएगी, जिसके अनुसार आयोजको को वालिंटियर्स के नाम और मोबाईल नम्बर, डस्टबीन, अग्निशामक यंत्र, सीसीटीवी कैमरे, बिजली दुर्घटना से सुरक्षा के उपाय की व्यवस्था करना होगा। रात्रि में प्रशासन की गश्ती टीम द्वारा पंडालों में इन व्यवस्थाओं की उपलब्धता देखी जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि बीमार, वृद्धजन एवं छात्र छात्राओं की पढ़ाई को देखते हुए निर्धारित मापदण्ड से अधिक आवाज के ध्वनि विस्तारक यंत्र नही बजाए जाएंगे। इसके लिए डीजे का उपयोग नही किया जाएगा।
निर्धारित स्थलों पर ही होगा मूर्तियों का विसर्जन
बैठक में तय किया गया कि गणेश उत्सव एवं दशहरा पर्व के दौरान मूर्तियों का विसर्जन निर्धारित स्थल पर ही किया जाएगा। मूर्ति विसर्जन से बच्चों को दूर रखना होगा। इस दौरान बताया गया कि मूर्ति विसर्जन के लिए नगर पालिका द्वारा वैनगंगा नदी के छोटे पुल के पास कुण्ड बनाया जाएगा। इसी प्रकार की व्यवस्था ढीमरटोला, देवटोला, महामृत्युंजय घाट पर भी रहेगी। बड़ी मूर्तियों का विसर्जन नगर पालिका द्वारा वैनगंगा नदी के छोटे पुल से क्रेन द्वारा पुरे सम्मान के साथ किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि वैनगंगा नदी का जल स्तर 3 से 4 फीट अधिक होने के कारण नदी में मूर्ति विसर्जन के लिए कोई भी व्यक्ति नही उतरेगा।
बैठक में तय किया गया कि त्यौहारों के दौरान भंडारे आदि के आयोजन में यातायात को बाधित नही होने दिया जाएगा। आयोजनो के दौरान साफ सफाई और स्वच्छता का ध्यान रखा जाएगा तथा आयोजक व वालिंटियर डस्टबीन की व्यवस्था रखेंगे। चल समारोह एवं जुलूस आदि पूर्व निर्धारित मार्ग से ही निकाले जाएंगे। नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती ठाकुर ने कहा कि आगामी दिनों में आने वाले त्यौहारो के दौरान भंडारे व सजावट आदि के कार्यों में स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग किया जाए। बैठक में मुस्लिम समाज के लोगो द्वारा बताया गया कि 05 सितम्बर को ईद-मिलाद-उन-नबी के जुलूस में डीजे नही बजाया जाएगा। इस निर्णय का सभी ने स्वागत किया। सामाजिक कार्यकर्ता श्री अभय कोचर ने दुर्गा उत्सव के दौरान मगरदर्रा, गोमजी-सोमजी एवं अन्य स्थानों के माता मंदिर में संबंधित पंचायत द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्था कराने की आवश्यकता बतायी।



