जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में डीएमएफ फंड में हुए करोड़ो के घोटाले

सिंगरौली जबलपुर दर्पण । जिला शिक्षा अधिकारी परडीएमएफफंड (जिला खनिज फाउंडेशन फंड) की राशि में गड़बड़ी और फर्जी खरीदारी के गंभीर आरोप लगे हैं। शुक्रवार को समाजसेवी अरविन्द दुबे अपने सहयोगियों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ जांच एवं हटाने की मांग की।
महिला एवं बाल विकास परियोजना घोटाले से तुलना
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कुछ माह पूर्व महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय में जग, चम्मच आदि सामानों की खरीद में करोड़ों का घोटाला सामने आया था। जांच के बाद संबंधित अधिकारी को निलंबित किया गया था।
दुबे का आरोप है कि ठीक उसी तरह डियो कार्यालय में भी डीएमएफ फंड से करोड़ों रुपये की राशि जारी कर अनावश्यक एवं फालतू सामानों की खरीद की गई। इनमें से कुछ खरीद टेंडर के माध्यम से तो कुछ बिना टेंडर सीधे कर ली गई।
डीएमएफ फंड की उपयोगिता पर सवाल
ज्ञापन में दावा किया गया कि पहले डीएमएफ फंड का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए किया जाता था, लेकिन वर्तमान कलेक्टर के पदस्थ होने के बाद से बीते डेढ़ साल में इसका दुरुपयोग किया जा रहा है।
आरोप है कि फंड की राशि जिले के अलग-अलग विभागों में “गुल्लू-कालू” नामक व्यक्तियों के जरिए जारी की गई और उनसे फर्जी खरीदारी करवाई गई।
पारदर्शिता की मांग
अरविन्द दुबे ने कहा कि डीएमएफ फंड से हुई खरीद में सबसे बड़ा घोटाला पिछले डेढ़ साल में हुआ है। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि तत्काल जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी अपील की कि जिनके पास भी इस कथित घोटाले से जुड़े दस्तावेज या प्रमाण हों, वे उपलब्ध कराएं।



