जिला सिहोरा की आवाज निकली गरजना के साथ

सिहोरा जबलपुर दर्पण । लंबे समय से उठ रही सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिखी। सोमवार को रेस्ट हाउस सिहोरा से नगर भ्रमण के बाद एक आम सभा का आयोजन किया गया। सभा के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पुष्पेन्द्र अहाके को ज्ञापन सौंपकर जिले की मांग दोहराई गई।इस आयोजन का नेतृत्व ब्लॉक अध्यक्ष बिहारी पटेल और कांग्रेस के ऊर्जावान युवा नेता राजेश चौबे ने किया। कांग्रेसजनों ने कहा कि सिहोरा विखंडित होने से पूर्व मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी तहसील रही है, जिसमें सिहोरा, मझौली, ढीमरखेड़ा और बहोरीबंद विकासखंड शामिल थे। वर्तमान में ये सभी स्वतंत्र तहसील हैं, ऐसे में ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, संसाधन और भौगोलिक स्थिति के आधार पर सिहोरा का जिला बनना उचित है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- 21 अक्टूबर 2001 को तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने किसान सम्मेलन में सिहोरा को जिला बनाने की घोषणा की थी।
- 11 जुलाई 2003 को राज्य सरकार ने राजपत्र जारी कर सिहोरा जिले की सीमाएँ निर्धारित कीं।
- 1 अक्टूबर 2003 को कैबिनेट ने मंजूरी भी दी, पर आचार संहिता के कारण जिला अस्तित्व में नहीं आ सका।
- 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी सिहोरा को पुष्ट जिला बनाने की घोषणा की थी।
- 2005 में विधानसभा में तत्कालीन राजस्व मंत्री दिलीप भटेरे ने वित्तीय कारणों से प्रस्ताव को स्थगित करने की बात कही थी।
इसके बाद भी सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग निरंतर जारी है, लेकिन आज तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया।
उपलब्ध संसाधन और आधारभूत संरचना
सिहोरा में पहले से ही विद्युत वितरण केन्द्र, सिंचाई, कृषि, वन, आबकारी, न्यायालय, जनपद पंचायत, नगरपालिका, पुलिस और शिक्षा विभाग सहित सभी प्रमुख सरकारी विभाग संचालित हैं। साथ ही जिला सत्र न्यायालय परिसर (2 एकड़ जमीन, 35 भवन) और पं. विष्णुदत्त विद्यालय परिसर (4 एकड़ जमीन, 39 भवन) जैसी अतिरिक्त इमारतें भी मौजूद हैं। यानी नए भवन निर्माण की आवश्यकता नहीं होगी।
भौगोलिक व जनसुविधा के आधार पर तर्क
- सिहोरा राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर स्थित है और मझौली, ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद से सीधा जुड़ा है।
- सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन प्रयागराज-इटारसी मार्ग पर एक महत्वपूर्ण स्टेशन है।
- सिहोरा में ए-ग्रेड कृषि उपज मंडी और श्याम सुंदर अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय भी मौजूद है।
- क्षेत्र खनिज संपदा से समृद्ध है और बड़ा औद्योगिक क्षेत्र हरगढ़ भी पास में है।
भाजपा द्वारा किए गए वादे
विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा नेताओं — प्रह्लाद पटेल, संतोष बरकड़े, स्मृति ईरानी और शिवराज सिंह चौहान — ने सार्वजनिक रूप से सिहोरा को जिला बनाने के वादे किए थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि अब जनता को उम्मीद है कि सरकार अपने वादे को निभाए और सिहोरा को शीघ्र जिला घोषित करे।
निष्कर्ष –
कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सिहोरा को जिला नहीं बनाया गया तो यह जनता के साथ विश्वासघात होगा। सैकड़ों ग्रामों की सुविधा, ऐतिहासिक घोषणा और उपलब्ध संसाधनों को देखते हुए सिहोरा को जिला बनाना न्यायसंगत कदम होगा।



