पिंडरई पंचायत का बम्होरी गांव आज भी सड़क से वंचित
ढीमरखेड़ा जबलपुर दर्पण । जहाँ केंद्र और राज्य सरकारें ‘हर घर को सड़क से जोड़ने’ का दावा कर रही हैं, वहीं कटनी जिले की ढीमरखेड़ा जनपद के अंतर्गत आने वाली पिंडरई पंचायत का आश्रित गाँव बम्होरी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। गाँव में सड़क न होने के कारण यहाँ के निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
4 किमी की दूरी बन जाती है 15 किमी-डरई पंचायत मुख्यालय से बम्होरी गाँव की दूरी मात्र 4 से 5 किलोमीटर है, लेकिन सीधा रास्ता और सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को लगभग 14 से 15 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। यह अतिरिक्त दूरी ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है।
गाँव के एक निवासी ने बताया, “हमें राशन लेने के लिए, बच्चों को स्कूल भेजने के लिए और बीमार होने पर इलाज के लिए भी इतना लंबा सफर तय करना पड़ता है। गरीब लोगों के लिए 15 किलोमीटर पैदल या साइकिल से जाना बहुत कठिन है।”
स्वास्थ्य और शिक्षा पर बुरा असर – ड़क न होने का सबसे ज्यादा असर बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। आपातकाल में, खासकर रात के समय, किसी बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना लगभग असंभव हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चे भी इस लंबी दूरी के कारण पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत और संबंधित विभागों से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जहाँ एक तरफ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत देश भर में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, वहीं बम्होरी गाँव जैसे कई गाँव आज भी विकास की इस दौड़ में पीछे छूट रहे हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि बम्होरी गाँव के लोगों को भी मूलभूत अधिकार मिल सकें और वे भी सम्मानजनक जीवन जी सकें।



