रात्रि में एक मात्र नर्स के भरोसे रहता है शासकीय अस्पताल

जबलपुर दर्पण बरेला । नेशनल हाईवे 30 पर स्थित. शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरेला में वर्तमान में रात्रि में डॉक्टर की व्यवस्था ना होने के कारण यहां की चिकित्सा व्यवस्था पूर्णता भगवान के भरोसे चल रही है। नेशनल हाईवे होने के कारण यहां पर आए दिन दुर्घटना होती रहती हैं किंतु रात्रि में डॉक्टर ना होने के कारण यहां पर मरीज को प्राथमिक उपचार न मिलने के कारण जिला चिकित्सालय रेफर करना पड़ता है इसकी वजह से कभी-कभी मरीजों को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ जाता है किंतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल में रात्रि कालीन डॉक्टर की व्यवस्था न करने के कारण आम जनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में रात्रि में नहीं हो पा रही है एमएलसी– नगर के शासकीय अस्पतालरात्रि में डॉक्टर ना होने के कारण घटना दुर्घटना में घायल मरीजों की एम एल सी भी नहीं हो पाती है। यहां पर पुलिस विभाग द्वारा जब मरीज को एमएलसी के लिए लाया जाता है तो इन मरीजों को विक्टोरिया या फिर जिला चिकित्सालय रेफर किया जाता है इसकी वजह से मरीजों को बेवजह दिक्कतें का सामना करना पड़ रहाहै।
रेफर केंद्र बन गया है अस्पताल– – प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरेला वर्तमान में रेफर केंद्र बन गया है यहां पर मरीजों को इलाज न मिलने के कारण मरीजों को जिला चिकित्सालय रेफर करना पड़ रहा है. दिन में तो अस्पताल में डॉक्टर उपलब्ध हो जाते है किंतु रात्रि कालीन डॉक्टर ना होने के कारण मरीजों को. प्राथमिक उपचार भी नसीब नहीं हो पा रहा है।
. रात्रि काल में अस्पताल में नहीं हो पा रही है डॉक्टर की व्यवस्था—शासकीय अस्पताल बरेला में 4 डॉक्टर पदस्थ हैं।किंतु रात्रि में डॉक्टर की व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।। ज्ञात होवे कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अनेक रोगों का इलाज कराने के लिए लगभग 80 गांव की जनता यहां पर आती है।
इनका कहना है
राजनंदिनी परते रात्रिकालीन ड्यूटी नर्स……. रात्रि में अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं रहता है,घायल मरीजों को जिला अस्पताल रिफर कर दिया जाता है।



