शांतम प्रज्ञा आश्रम में मनाई गई आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती

जबलपुर दर्पण । रामायण के रचनाकार, आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती के अवसर पर शांतम प्रज्ञा आश्रम नशा मुक्ति,मनोआरोग्य, दिव्यांग पुनर्वास केंद्र मेँ पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया, इस अवसर पर शांतम प्रज्ञा आश्रम. में उपचार ले रहे नशा पीड़ितों ने रामधुन गाकर मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम को स्मरण कर शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की.
साथ शांतम प्रज्ञा आश्रम के संचालक साइकोलॉजिस्ट मुकेश कुमार सेन ने उपचाररत मरीजों को महर्षि वाल्मीकि जी के जीवन के विषय में बताया कि किस प्रकार महर्षि वाल्मीकि जी रत्नाकर डाकू से आदिकवि महर्षि वाल्मीकि बने और रामायण जैसे आदिकाव्य की रचना कर विश्व को श्री राम के जीवन से अवगत कराया.
महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के जीवन आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया। आपकी कालजयी रचना सदैव मानवता, मर्यादा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।इस अवसर पर साइकोलॉजिस्ट मुकेश कुमार सेन, चंचल गौतम, डॉ यश रंजन,डॉ आज़ाद कुशवाहा, पंडित श्रीकांत तिवारी अन्य सदस्य उपस्थित रहे।



