धान उपार्जन पंजीयन में खसरा नंबर न दिखने से किसान परेशान
शहपुरा डिण्डौरी जबलपुर दर्पण । बरगांव और शहपुरा उपार्जन केन्द्रों में धान उपार्जन पंजीयन को लेकर किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि पंजीयन प्रक्रिया में उनका खसरा नंबर नहीं दिख रहा है, जिसके कारण वे पंजीयन कराने में असमर्थ हैं।
किसानों के अनुसार, उन्होंने समय पर अपना विवरण और दस्तावेज जमा कर दिए थे, लेकिन कंप्यूटर प्रणाली में उनका खसरा नंबर दर्ज नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार उपार्जन केन्द्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। किसानों की बढ़ती चिंता का मुख्य कारण यह है कि धान उपार्जन के लिए अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2025 रखी गई है। अगर पंजीयन समय पर पूरा नहीं हुआ, तो किसानों को अपने धान उपार्जन में समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
बरगांव और शहपुरा केन्द्रों पर पंजीयन कराने आए किसानों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। कई किसान स्थानीय अधिकारियों से समाधान की गुहार लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें बार-बार केन्द्रों में आने और जाने की झंझट से जूझना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की हानि हो रही है।
कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे जल्द से जल्द पंजीयन प्रणाली में खसरा नंबर की त्रुटि को सुधारें और किसानों को समय पर पंजीयन की सुविधा प्रदान करें। ताकि किसान धान उपार्जन के लिए बिना किसी परेशानी के पंजीकृत हो सकें और उनका उत्पादन सही समय पर उपार्जित किया जा सके।



