कुठला थाना अंतर्गत अवैध उतखनन करते पकड़ी गई पोकलीन, दो हाइवा जप्त

कटनी जबलपुर दर्पण । कुठला थाना क्षेत्र इन दिनों अवैध उत्खनन का अड्डा बना हुआ है। यहां पर अवैध उत्खनन करने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। अवैध उत्खनन की लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद उत्खनन पर अंकुश न लग पाना खनिज विभाग की कार्यशैली को प्रदर्शित करता है।बीती रात एक बार फिर पुलिस एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने वन भूमि से लगे क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते हुए रंगे हाथों एक पोकलेन मशीन सहित दो हाईवा जप्त किया। जप्त किए गए एक हाईवा में तो बॉक्साइट और लेटराइट लोड भी था।वन विभाग ने जप्त किए गए दोनों हाईवा अपने कार्यालय में खड़े कराए हैं, जबकी पोकलेन मशीन खबर लिखे जाने तक उत्खनन स्थल पर ही वन विभाग की कस्टडी में खड़ी रही।जप्त किए गए दोनों हाईवा और पोकलेन मशीन हमेशा ही चर्चा में रहने वाले बबलू राजा नामक किसी व्यक्ति की बताई जा रही है।सूत्र बताते हैं कि खनिज विभाग ने बबलू राजा नामक उत्खनन कर्ता को नहर का वेस्ट उठाने के लिए अनुमति प्रदान कर रखी है, जबकि नहर का वेस्ट उठाने के नाम पर बीती रात उसके द्वारा लेटराइट और बॉक्साइट का अवैध उत्खनन वन विभाग की भूमि के करीब किया जा रहा था।आपको बता दें कि यह कार्यवाही देर रात अंजाम दी गई। यहां पर यह भी बताना आवश्यक है कि वन विभाग के नियम के अनुसार वन विभाग की भूमि एवं उससे सटे क्षेत्र में रात को किसी भी तरह की अवैध गतिविधि, वाहनों की चहल कदमी या फिर कोई भी कार्य संचालित नहीं किया जा सकता, लेकिन सारे नियमों को ताक पर रखते हुए अवैध उत्खनन कर्ता अपने काम को अंजाम देने में जुटा हुआ था।बताया जाता है की रंगे हाथों उत्खनन करते पोकलेन मशीन एवं दो हाईवा जप्त किया गया हैउसके द्वारा लगातार अधिकारियों से यह दलील दी जा रही है कि उसे खनिज विभाग ने अनुमति प्रदान की थी। आखिरकार खनिज विभाग ने वन भूमि से सटे क्षेत्र में उत्खनन की अनुमति कैसे और किन नियमों के तहत प्रदान कर दी यह जवाब तो खनिज विभाग ही दे सकता है, मगर एक बार फिर से कुठला थाना क्षेत्र में अवैध उत्खनन का काला खेल उजागर हुआ है।
यह बात भी हैरान कर देने वाली है कि आखिरकार थाना क्षेत्र में किया जा रहा अवैध उत्खनन स्थानीय पुलिस की नजरों से क्यों बचा रहा। उन्हें भनक नहीं थी या फिर वे अंजान बने रहना चाहते हैं यह बात तो अब वे ही जाने। अगर इसी तरह जिम्मेदार आंखें मूंद कर अवैध गतिविधियों को संचालित होने की छूट प्रदान करते रहे तो कटनी जिले में मौजूद प्रचुर खनिज मात्रा खनिज चोरों की ही संपत्ति बनती रहेगी।



