अजाक्स प्रांताध्यक्ष के बयान से भड़का स्पीक संघ, उठाई कार्यवाही की मांग
सीधी जबलपुर दर्पण । तुलसीनगर स्थित अंबेडकर मैदान में अजाक्स संगठन का प्रांतीय अधिवेशन 23 नवम्बर को आयोजित किया गया था। उक्त कार्यक्रम में अजाक्स के नवनिर्वाचित प्रांतीय अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने कहा कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। उक्त बयान पर स्पीक के जिला सचिव राम मोहन द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि अजाक्स प्रांताध्यक्ष का यह बयान घोर आपत्तिजनक है और समूचे सवर्ण समुदाय का अपमान है। शादी विवाह निजी जिंदगी है। हर वयस्क व्यक्ति अपनी शादी के लिए स्वतंत्र है। कौन किससे शादी करे यह उसका निजी मामला है और फिर बेटी कोई वस्तु नहीं है जो दान की जाये। कानूनी तौर पर तो मां बाप भी अपने पुत्र पुत्री की शादी किससे हो-यह तय नहीं कर सकते। सवर्ण समाज की बेटियों के बारे में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी द्वारा ऐसा कहा जाना अति निंदनीय है। श्री द्विवेदी ने यह भी कहा है कि शादी एक नितांत निजी मामला है उसका आरक्षण से क्या संबंध, वैसे भी समाज बहुत बदल चुका है। बड़ी संख्या में अंतर्जातीय विवाह हो रहे हैं। आरक्षित और अनारक्षित वर्गों के बीच भी बहुत शादियां हो रही हैं। इससे यह भी जाहिर होता है कि इनके पास आरक्षण के पक्ष में अब कोई ठोस तर्क नहीं बचा है। इसलिए ऐसी अनर्गल बातें की जा रही हैं। संतोष वर्मा के पहले भी अजाक्स संगठन के अनेक प्रांताध्यक्ष रहे उन्होंने आरक्षण के पक्ष में तमाम बातें कहीं लेकिन सवर्ण समाज की बहन बेटियों के बारे में इस तरह की बातें कभी नहीं कहीं। अजाक्स एक कर्मचारी संगठन है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन के अधिवेशन में सर्विस मैटर्स पर बात होनी चाहिए न कि शादी विवाह जैसे निजी जीवन के विषयों पर। इस तरह संतोष वर्मा दोनों वर्गों के बीच खाई गहरी कर रहे हैं जो कि देश समाज के हित में नहीं है। बहरहाल, सवर्ण समाज की बेटियों के बारे में संतोष वर्मा द्वारा कहे गए इस कथन की मैं निंदा करता हूं और आईएएस आचरण नियमों के तहत समुचित कार्रवाई किए जाने की सरकार से मांग करता हूं। ऐसे कुंठित एवं कुलसित मानसिकता के प्रशासनिक अधिकारी से सवर्ण वर्ग के अधिकारी एवं कर्मचारी न्याय एवं निष्पक्ष कार्य की क्या अपेक्षा कर सकते है अजाक्स संगठन से जुड़े भाई बहनों से भी मेरी अपील है कि इस तरह की बातें करने वाले को उनका प्रांतीय अध्यक्ष नहीं होना चाहिए। श्री द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अजाक्स प्रदेशाध्यक्ष की घोर निंदा करते हुए विधायक एवं सांसद से अनुरोध किया है की ऐसे कथन पर क्या कार्यवाही होनी चाहिए इस पर वे विचार करें और शासन से कठोर कार्रवाई की अनुशंसा करें ।



