अंतर हितकारिणी सांस्कृतिक प्रतियोगिता का शुभारंभ

जबलपुर दर्पण। हरे रामा, रिमझिम बरसे पनिया, मोगरे में बोल कोयलिया, तेरा हो जाए बेड़ा पार लैयो नर्मदा मैया जैसे लोकगीत की धुनों पर दर्शक और श्रोता झूम उठे तो आओ हम सब गायें देष के तराने, हो जाओ तैयार साथियों, वो तो झांसी वाली रानी थी, दोबारा जन्म मिले अगर देश के काम ना आए तो जीवन बेकार जैसे राष्ट्रगीतों को सुनकर पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। मौका था हितकारिणी नर्सिंग कॉलेज के प्रेक्षागृह में हितकारिणी विद्या परिषद द्वारा आयोजित अंतर हितकारिणी सांस्कृतिक कार्यक्रम का, जिसमें हितकारिणी सभा द्वारा संचालित 23 से अधिक स्कूल, कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने अपनी सहभागिता दी।मीरा, कबीर, रहीम के भजनों की प्रस्तुति- छात्रों ने मीरा बाई, कबीर और रहीम के भजनों का गायन कर वाहवाही लूटी। अमर नहीं है काया, डगर है मुस्किल, बंसी वाला ओ बंसी वाला, नंदलाल बसो मेरे नैनों में, भजो रे मन गोविंदा, पायो जी मैने रामरतन धन पायो, मुझे चरणों से लगा ले श्याम मुरली वाले, नाम हरि का जप ले बंदे, हरि आयो, सावन आयो, मतवालो सावन आयो रे… जैसे गीतों और भजनों को दर्शकों और श्रोताओं के साथ जजेज ने सराहा। इसके साथ हारमोनियम, तबले और बांसुरी की संगत ने भी वाहवाही लूटी।
ये रहे निर्णायक- निर्णायकों की भूमिका रूमा बैनर्जी, कल्पना शुक्ला और रवि शुक्ला ने निभायीे। मुख्य अतिथि प्रसिद्व बांसुरी वादक मुरलीधर नाग, विशिष्ट अतिथि डॉ तापसी नागराज और माया पांडे थीं। मंच पर विद्या परिषद के उपाध्यक्ष इंद्रपाल जैन, सचिव जयेश राठौर, डॉ केके हूंका, रमेश श्रीवास्तव, अशोक गुप्ता, नमन अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।



