युवा भारत के लिए प्राथमिकता हो बजट में – डॉ. देवेंद्र विश्वकर्मा, अर्थशास्त्री

जबलपुर दर्पण । भारत आर्थिक परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं युवा आर्थिक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्थशास्त्री डॉ. देवेंद्र विश्वकर्मा ने आने वाले बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के लिए विशेष बजट दे, सरकार को इस बात की भी चिंता करनी होगी कि भारत अभी युवा है आने वाले 30 वर्ष के बाद भारत बूढ़ा होने लगेगा। ऐसी स्थिति में सरकार को युवाओं की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। जो पिछले वित्तीय वर्ष में नहीं हो पाया। शिक्षा का बजट भी पिछले वित्तीय वर्ष में नहीं बढ़ाया गया, जिसके कारण आज भी उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में 60 प्रतिशत शिक्षकों की कमी हैं।
निश्चित रूप से विगत वर्षों में भारत का आर्थिक विकास तेजी से हो रहा है, लेकिन इस युवा भारत के लिए विशेष योजना लाने की आवश्यकता है। कृषि को उद्योग के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। निर्यात को बढ़ाना होगा। राजकोषीय घाटा को कम करना होगा। इस ओर सरकार को विशेष चिंता करने की आवश्यकता है बजट 2026-27 में। क्योंकि भारत विश्व की सबसे बढ़ी जनसंख्या वाला देश है। भारत विश्व का बढ़ा बाजार है एवं भारत विश्व का सबसे बढ़ा युवाओं का देश है। इन तीनों का उपयोग सरकार को अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए करना होगा। कृषि, कृषि आधारित उद्योग एवं निर्यात को बढ़ाना होगा। तभी हम विकसित भारत से वैश्विक भारत बन सकेंगे।
डॉ. देवेन्द्र विश्वकर्मा, अर्थशास्त्री
एम.ए. अर्थशास्त्र, एम.ए. ग्रामीण विकास, एम.बी.ए. वित्त, पी.एच.डी. एवं डी.लिट् अर्थशास्त्र
राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा आर्थिक परिषद एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भारत आर्थिक परिषद और मध्यप्रदेश प्रभारी
सचिव, मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ आर्थिक परिषद



