डिंडोरी दर्पणमध्य प्रदेश

यातायात व्यवस्था और बेहतर करने, इंटरसेप्टर व्हीकल की ली जाएगी मदद

डिंडोरी-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर ट्रेफिक इंचार्ज की मौजूदगी में हुआ ट्रेलर

डिंडोरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। डिंडौरी एसपी संजय सिंह के निर्देश पर जिले में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार नवाचारी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सड़कों पर तेज गति से भागने वाले वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण के लिए अब इंटरसेप्टर व्हीकल की मदद ली जाएगी। ट्रैफिक इंचार्ज एस आई राहुल तिवारी ने मंगलवार को कनईसांगवा तिराहे पर पुलिसकर्मियों को व्हीकल के इंटरसेप्शन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें किसी भी वाहन की रफ्तार नापने के लिए कंप्यूटर सिस्टम, जीपीएस, कैमरे, इंफ्रारेड सहित कई महत्वपूर्ण फंक्शन और उपकरण लगे हैं। कैमरे पर तेज रफ्तार से चलने वाले वाहनों की रिकॉर्डिंग की जाएगी। व्हीकल में नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों की जांच के लिए भी मशीन लगी है। गौरतलब है कि एसआई राहुल तिवारी हाल ही में भोपाल से इंटरसेप्शन सिस्टम को ऑपरेट करने की ट्रेनिंग लेकर आए हैं। जिले में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के उपयोग से निश्चित तौर पर यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी। बताया गया कि एक हजार मीटर के दायरे तक तेज गति से फर्राटा भरने वाले वाहनों की रिकॉर्डिंग करने की छमता है, इससे ट्रैफिक पुलिस को वाहनों की रफ्तार पर लगाम लगाने में काफी मदद मिलेगी। इंटरसेप्टर कैमरा वाहन की रफ्तार तय सीमा से अधिक होने पर झट से पकड़ लेगा और संबंधित चालक पर चालानी कार्यवाही की जाएगी। बाइक और कार पर चालानी राशि एक हजार और भारी वाहनों पर तीन हजार तय की गई है। व्हीकल में लगी लेजर स्पीड गन एक हजार मीटर के दायरे तक रफ्तार से फर्राटा भरने वाले वाहनों की रिकॉर्डिंग करेगी। मुख्य बात यह है कि इंफ्रारेड इनेबल्ड होने के कारण यह सिस्टम रात में भी बखूबी काम करेगा। ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांगी जानकारी, बदले जाएंगे क्षतिग्रस्त स्पीड लिमिट बोर्ड ट्रैफिक पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जिले के विभिन्न थाना व चौकी क्षेत्रों में निर्धारित स्पीड लिमिट की जानकारी मांगी है। ताकि इंटरसेप्टर व्हीकल पर लिमिट सेट की जा सके। इनके अलावा जिलेभर में क्षतिग्रस्त हो चुके स्पीड लिमिट बोर्ड रिप्लेस करने का प्रस्ताव भी प्राधिकरण को भेजा है। एसआई राहुल तिवारी ने बताया कि जिला मुख्यालय में स्पीड लिमिट 40 KM/Hr है, जबकि अन्य थाना व चौकी क्षेत्रों की जानकारी प्राधिकरण से मांगी गई है। जिले को फिलहाल एक इंटरसेप्टर व्हीकल मिला है, जिसका उपयोग जिला मुख्यालय सहित ब्लॉक मुख्यालयों में भी किया जाएगा। विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि जिले की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए प्राप्त आधुनिक सुविधा का दुरुपयोग नहीं होगा और जबरन वाहनों के चालान भी नहीं काटे जाएंगे, जिससे यातायात व्यवस्था और बेहतर हो सकेंगे।

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