कृषि विभाग में पदस्थ प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी पर लग रहे मानसिक प्रताड़ना के आरोप

डिंडौरी,जबलपुर दर्पण । जिले में कृषि विभाग में पदस्थ प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी पर मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना के आरोप लग रहे हैं। मामले को लेकर पीड़ित ने कलेक्टर से शिकायत कर निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है। बताया गया कि जिला मुख्यालय स्थित कृषि विभाग में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी आरएल यादव ने जिला कलेक्टर रत्नाकर झा से प्रभारी अनुविभागीय कृषि अधिकारी उर्मिला धुर्वे द्वारा मानसिक व आर्थिक प्रताड़ित सहित सेवा पुस्तिका में वसूली आदेश निरस्तीकरण को केंसिल करने की शिकायत की है। पीड़ित कृषि विस्तार अधिकारी विकासखंड बजाग ने बताया कि 30 मई 2021 को शासकीय सेवा से निवृत्त हो रहे हैं, वही प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी डिंडोरी उर्मिला धुर्वे द्वारा मेरे से द्वेष भावना के कारण जनवरी 1999 से अक्टूबर 2020 तक का आदिवासी भत्ता एवं स्थाई भत्ता वसूली आदेश पारित कर सेवा पुस्तिका में इंद्राज कर दिया गया है,जबकि वसूली आदेश के संबंध में संयुक्त संचालक कृषि जबलपुर संभाग के द्वारा समिति गठित की गई थी ,जांच प्रतिवेदन के आधार पर संयुक्त संचालक कृषि जबलपुर का उपरोक्त संदर्भित पत्र के द्वारा वसूली आदेश निरस्त किया गया है और आदेश को कार्यालय लिपिक द्वारा सेवा पुस्तिका में इंद्राज कर नोटशीट के साथ प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी डिंडोरी के हस्ताक्षर हेतु उनके टेबल पर रखा गया था, सर्विस बुक में स्वयं इंद्राज वसूली आदेश निरस्तीकरण को उर्मिला धुर्वे द्वारा काट दिया गया और नोटशीट फाड़ दी गई और इस प्रकार वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का उल्लंघन किया गया।आरोप लगाए हैं कि उन्हें श्रीमती धुर्वे के द्वारा सितंबर 2020 से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है और 31 मई 2020 को सेवानिवृत्ति होनी है। सेवा के अंतिम समय में भी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि पेंशन प्रकरण में परेशानी हो सके। कलेक्टर से शिकायत कर मामले की जांच करवाकर जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई कि जा रही है।


