ईद की रौनक चरम पर, दस्तारबंदी में हाफिजों का सम्मान, महंगाई के बावजूद उत्साह बरकरार

जबलपुर दर्पण। ईद के नजदीक आते ही मुस्लिम क्षेत्रों में खुशियों की रौनक बढ़ गई है। हर गली-मोहल्ले में तैयारियों की हलचल है। अब इबादत के साथ-साथ महिलाएं, नौजवान और मासूम बच्चे खरीदारी में व्यस्त नजर आ रहे हैं, इसके साथ ही महिलाएं घरों को सजाने और संवारने में भी जुटी हुई हैं।बाजारों में भीड़ बढ़ती जा रही है। सेवइयों, कपड़ों और अन्य जरूरत की चीजों की खरीदारी जोरों पर है। हालांकि इस बार बढ़ती महंगाई का असर भी साफ तौर पर नजर आ रहा है। कपड़ों, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ने से लोगों का बजट प्रभावित हुआ है, फिर भी त्योहार की खुशी में कोई कमी नहीं आने दी जा रही है। रात्रिकालीन मीना बाजारों में तरावीह की नमाज के बाद से ही खरीदारी के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। खासकर बच्चों में ईद को लेकर अलग ही उत्साह देखा जा रहा है, वे नए कुर्ता-पायजामा, जूते और अन्य सामान खरीदने में जुटे हुए हैं।इसी क्रम में गतरात्री शबे कद्र के मौके पर मदनी मिल्लत सेवा समिति के तत्वावधान में मुस्लिम बहुल क्षेत्र चार खंबा में विगत 33 वर्षों से आयोजित जश्ने दस्तारबंदी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुफ्ती-ए-आज़म मध्यप्रदेश हजरत डॉ. मौलाना मुशाहिद रजा कादरी बुरहानी की सरपरस्ती में शहर की विभिन्न मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा कराने वाले हाफिज साहिबानों की दस्तारबंदी कर उनका सम्मान किया गया! समिति के सरपरस्त मतीन अंसारी द्वारा हाफिज साहिबानों को तोहफे भेंट किए गए। इस मौके पर सूफी मेराज बाबा जमाली, मौलाना ईनामुल हक कादरी, मुफ्ती नईम अख्तर मिश्वाही और मुफ्ती अब्दुर्राशिद मिस्बाही विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की निजामत मौलाना चांद कादरी ने की, जबकि अंत में समिति के संरक्षक मतीन अंसारी, अध्यक्ष मोहम्मद आसिफ, कुतुबुद्दीन अंसारी, शोएब, गुड्डू बाबा, अफरोज अंसारी, आबिद परवेश आलम, कयामुद्दीन, अनीश, शहजादा, सादिक, कलीम अब्बासी, शादाब सहित अन्य सदस्यों द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।


