हरदी गांव में कलेक्टर ने खुद बंद किया बहता नल, जल संरक्षण का दिया सशक्त संदेश

सतीश चौरसिया उमरियापान । विकासखंड ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत हरदी में बुधवार को एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब कलेक्टर आशीष तिवारी ने जल संरक्षण का महत्व अपने व्यवहार से प्रदर्शित करते हुए स्वयं बहते नल को बंद किया । उनका यह छोटा सा कदम ग्रामीणों के लिए बड़ा संदेश बन गया ।
कलेक्टर श्री तिवारी जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित शासकीय योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने हरदी गांव पहुंचे थे । ‘नल-जल योजना’ के तहत जल आपूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए वे गांव की गलियों में पैदल घूमे और घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद किया । उन्होंने पानी की उपलब्धता, नियमितता और समस्याओं को लेकर सीधे जानकारी ली ।
निरीक्षण के दौरान उनकी नजर सड़क किनारे बहते एक नल पर पड़ी, जिससे पानी लगातार व्यर्थ बह रहा था । इस पर उन्होंने तुरंत संज्ञान लिया और आसपास मौजूद लोगों को जल के महत्व के बारे में समझाया । उन्होंने कहा कि पानी जीवन का आधार है और इसकी एक-एक बूंद अमूल्य है, इसलिए इसकी बर्बादी को रोकना हम सभी की जिम्मेदारी है ।
इसके बाद कलेक्टर स्वयं नल के पास पहुंचे, बहते पानी से अपनी प्यास बुझाई और फिर नल को कसकर बंद कर दिया । उनका यह व्यवहार ग्रामीणों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया । लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया ।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से निरीक्षण कर पानी की बर्बादी रोकें । साथ ही ग्रामीणों से भी अपील की कि कहीं भी पानी व्यर्थ बहता दिखाई दे तो तुरंत उसे बंद करें या संबंधित विभाग को सूचित करें ।



