श्रीकृष्ण–सुदामा की मित्रता कथा से भावविभोर हुए श्रद्धालु, गौरा में महायज्ञ और रामलीला का आयोजन

सतीश चौरसिया उमरियापान । ग्राम गौरा में विगत 18 वर्षों से आयोजित हो रहा श्री विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत पुराण की संगीतमय कथा इन दिनों श्रद्धा और भक्ति के माहौल में जारी है । कथा के दौरान कथावाचक पूज्य श्री मानवेन्द्र शास्त्री जी ने श्रीकृष्ण और सुदामा की अद्भुत मित्रता की मार्मिक कथा सुनाई, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे ।
कथावाचक ने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता सच्चे प्रेम, सम्मान और समर्पण का प्रतीक है । सुदामा जहां एक गरीब ब्राह्मण थे, वहीं श्रीकृष्ण द्वारिका के राजा थे, लेकिन दोनों की दोस्ती में कभी भी धन-दौलत या पद का अंतर नहीं आया । श्रीकृष्ण ने अपने मित्र सुदामा का सदैव सम्मान किया और उनकी सहायता कर सच्ची मित्रता का उदाहरण प्रस्तुत किया । यह कथा हमें सिखाती है कि सच्ची मित्रता में भेदभाव का कोई स्थान नहीं होता, प्रेम और सम्मान ही सबसे बड़ा धन है ।
इस अवसर पर भाजपा जिला मंत्री डॉ. प्रशांत राय, सतेंद्र राय एवं विजय राय ने कथावाचक का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया । वहीं रात्रिकालीन कार्यक्रम में ग्राम गौरा के नवयुवकों द्वारा आयोजित श्री रामलीला का मंचन गोसलपुर के कलाकारों द्वारा किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सतेंद्र राय, मनीष दहायत, प्रह्लाद राय, महेन्द्र सिंह (शिक्षक), अंगद प्रसाद तिवारी, देवीसिंह बागरी, ओंकार बागरी, राजेंद्र तिवारी, भूरा विश्वकर्मा सहित समिति के सभी सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही ।



