उमरियापान हाट बाजार में ठेकेदार की मनमानी चरम पर, बिना रसीद वसूली से व्यापारी परेशाननिर्धारित शुल्क से अधिक वसूली

सतीश चौरसिया उमरियापान । उमरियापान साप्ताहिक हाट बाजार में इन दिनों अव्यवस्था और ठेकेदार की मनमानी का मामला गंभीर होता जा रहा है । बाजार में व्यापार करने आने वाले छोटे-बड़े व्यापारियों से बिना किसी रसीद के मनमाने तरीके से पैसे वसूले जाने के आरोप सामने आए हैं । लगातार हो रही इस अवैध वसूली से व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं ।
व्यापारियों का कहना है कि ठेकेदार के कर्मचारी निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल रहे हैं । इतना ही नहीं, नियमों को नजरअंदाज कर प्रतिदिन लगने वाली दुकानों से भी जबरन पैसे लिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह अवैध है और प्रशासनिक नियमों का खुला उल्लंघन है ।
हाथ ठेला लगाकर रोजी-रोटी कमाने वाले छोटे व्यापारी हो रहे हैं । इनसे 50 से 60 रुपये तक की वसूली की जा रही है, जो उनकी आय के अनुपात में काफी अधिक है । व्यापारियों के अनुसार पहले तय शुल्क कम था, लेकिन अब अधिक राशि ली जा रही है और इसके बदले कोई रसीद या प्रमाण भी नहीं दिया जाता ।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जब कोई इस अवैध वसूली का विरोध करता है, तो उसे अगले सप्ताह से बाजार में दुकान न लगाने की चेतावनी दी जाती है । कई व्यापारियों ने यह भी बताया कि ठेकेदार के गुर्गों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग कर उन्हें धमकाया जाता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, जिससे बाजार में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है ।
बिना रसीद वसूली से पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं । इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि शासन को भी राजस्व की हानि पहुंच रही है ।
व्यापारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है । उनका कहना है कि हाट बाजार जैसे सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार की अव्यवस्था और शोषण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता । उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है ।
साथ ही व्यापारियों ने यह भी मांग की है कि बाजार में शुल्क वसूली की पारदर्शी और रसीद आधारित व्यवस्था लागू की जाए, जिससे भविष्य में किसी भी व्यापारी के साथ अन्याय न हो ।
व्यापारियों ने जिला कलेक्टर आशीष तिवारी का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है ।



