नगर निगम में ’स्व-गणना’ अभियान के लिए मास्टर प्लान तैयार

जबलपुर दर्पण । आगामी जनगणना 2027 को अधिक सुगम, सटीक और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से आज नगर निगम मुख्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में डिजिटल सशक्तिकरण पर जोर देते हुए ’स्व-गणना’ की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए।
प्रतिदिन 1000 स्व-गणना का लक्ष्य
बैठक के दौरान निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सभी 16 चार्ज अधिकारियों को सक्रिय करते हुए निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन 1000 नागरिकों को स्व-गणना पोर्टल का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने के लिए प्रोत्साहित करना है, जिससे डेटा की गोपनीयता और सटीकता सुनिश्चित हो सके।
समय सीमा और टीम वर्क
जनगणना कार्य की संवेदनशीलता को देखते हुए इसे समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर बल दिया गया है। निगमायुक्त ने सभी गणना कार्य 30 अप्रैल 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व निरीक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक और स्वास्थ्य अधिकारी को इस अभियान की रीढ़ बताया गया है, जो सीधे नागरिकों से संपर्क कर तकनीकी सहायता प्रदान करेंगे। स्व-गणना न केवल समय की बचत करती है, बल्कि यह देश के डिजिटल भविष्य के निर्माण में नागरिकों की सीधी भागीदारी भी सुनिश्चित करती है।
विशेषज्ञों का मिला मार्गदर्शन
बैठक में जनगणना निदेशालय, भोपाल के अधिकारी अशोक चौबे और मास्टर ट्रेनर मनोज नाथानी ने तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला। जिला पर्यवेक्षक सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों अपर आयुक्त अरविंद शाह, देवेन्द्र कुमार चौहान, मनोज श्रीवास्तव और नगर जनगणना अधिकारी ने भी इस अभियान को सफल बनाने के लिए अपनी रणनीतियां साझा कीं। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से न केवल जनगणना के आंकड़े त्रुटिहीन होंगे, बल्कि प्रशासन के पास शहर के विकास की योजनाएं बनाने के लिए एक सशक्त डेटाबेस भी उपलब्ध होगा।



