मन की बुराइयों को त्यागना भी किसी व्रत से कम नहीं श्याम गिरी जी महराज

सतीश चौरसिया उमरियापान । स्लीमनाबाद में देवी महा पुराण का आयोजन चल रहा है जिसे श्रवण करने प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं । पांचवे दिन कथा व्यास श्याम गिरी जी महराज ने कहा कि मां दुर्गा की कृपा ही हर जीव का कल्याण करती हैं ।
देवी पुराण में मां दुर्गा की स्तुति के साथ मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का वर्णन सुनने को मिलता है । धन्य है वह लोग जो मां दुर्गा की महिमा का गुणगान देवी पुराण में सुनते हैं । देवी पुराण साक्षात मां दुर्गा है। जीवन में हम चाहे व्रत करें ना करें लेकिन एक व्रत हमेशा व्यक्ति को करना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि यदि व्यक्ति मन की बुराइयों को त्याग दे तो यह भी किसी व्रत से कम नहीं है । व्यक्ति यदि ज्ञानवान है, बुद्धिमान है तो उसे इसका उपयोग करना चाहिए। दूसरों के कल्याण के लिए अपना ज्ञान वितरण करना चाहिए ।
यह भी किसी व्रत से कम नहीं है । उपवास रखना ही व्रत नहीं है। मन से किए गए श्रेष्ठ कार्य भी व्रत के समान ही है । जीवन में हम यदि किसी एक संकल्प को व्रत मानकर करें तो वह भी व्रत-उपवास से कम नहीं है।कथा के दौरान देवी के नौ स्वरूप के रूप में कन्याओं का पूजन किया गया ।



