220 केवी ट्रांसमिशन लाइन में ट्रिपिंग का कारण दूर, बड़ा हादसा टला

जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के दमोह संभाग द्वारा 220 केवी दमोह-टीकमगढ़ ट्रांसमिशन लाइन में हुई ट्रिपिंग की जांच हेतु विशेष पेट्रोलिंग अभियान चलाया गया।
जांच में पाया गया कि जबलपुर नाका क्षेत्र में एक मकान की छत पर बन रही बाउंड्री एवं छज्जा ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित सुरक्षा कारीडोर के अत्यधिक निकट आ गया था, जिससे ट्रिपिंग की स्थिति उत्पन्न हुई।
कार्यपालन अभियंता एस.के. मुड़ा के मार्गदर्शन में टीम ने संबंधित व्यक्ति को सुरक्षा मानकों की जानकारी देकर सहमति से निर्माण का खतरनाक हिस्सा हटवाया, जिससे लाइन को सुरक्षित दूरी उपलब्ध कराई जा सकी और संभावित हादसा टल गया
एमपी ट्रांसको के अतिरिक्त मुख्य अभियंता अरविंद शर्मा ने बताया कि दमोह शहर में लगभग 15 ऐसे निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जो ट्रांसमिशन लाइन के प्रतिबंधित क्षेत्र में आते हैं। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने नागरिकों से अपील की है कि वे ट्रांसमिशन लाइनों के समीप किसी भी प्रकार का निर्माण न करें तथा सुरक्षा मानकों का पालन करें।
132 केवी लाइन के दोनों ओर 27 मीटर तथा 220 केवी लाइन के लिए 35 मीटर का सुरक्षा कारीडोर निर्धारित है, जिसके भीतर निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है। ट्रांसमिशन लाइनों की विद्युत क्षमता घरेलू बिजली की तुलना में 600 से 950 गुना अधिक घातक होती है।



