अदालत का अभूतपूर्व बडा फैसला: डिक्रीशुदा जमीन को अवैध रूप से बेचने वाले आरोपियों के बैंक खाते सील, ₹2.89 करोड़ होल्ड करने के आदेश

जबलपुर दर्पण । न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जबलपुर (न्यायाधीश श्री डी.पी. सूत्रकार) ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर विवादित जमीन को बेचने के एक मामले में सख्त रुख अपनाया है । अदालत ने मामले के तीन अभियुक्तों के बैंक खातों को कुर्क करते हुए उनमें जमा ₹2.89 करोड़ की राशि को तत्काल प्रभाव से होल्ड करने का आदेश जारी किया है । इसके साथ ही साइबर शाखा जबलपुर और माढ़ोताल थाना प्रभारी को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
पक्षकार: यह पूरा विवाद परिवादी सुभाषचन्द्र केसरवानी और आरोपी पक्ष दीक्षितपुरा कॉलोनी, जबलपुर निवासी राजेश कुमार अवस्थी, कु. रश्मि अवस्थी तथा श्रीमती गीता अवस्थी के बीच का है। परिवादी सुभाषचन्द्र और आरोपियों के दिवंगत पिता स्व. योगेशचंद्र अवस्थी के बीच जमीन को लेकर 13 मार्च 1995 से सिविल कोर्ट में विवाद लंबित था । इस मामले में एक सक्षम अदालत ने सुभाषचन्द्र के पक्ष में निर्णय (डिक्री) पारित करते हुए आरोपियों को उनके पक्ष में जमीन का विक्रय पत्र निष्पादित करने का आदेश दिया था।
धोखाधड़ी और अवैध बिक्री: आरोपियों को यह अच्छी तरह पता था कि अदालत ने जमीन की रजिस्ट्री सुभाषचन्द्र के नाम करने का आदेश दिया है । इसके बावजूद, अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से आरोपियों ने 26 दिसंबर 2024 को उस डिक्रीशुदा जमीन को किसी अन्य खरीदार को ₹2,89,00,000 (दो करोड़ नवासी लाख रुपये) में बेच दिया और राशि हड़प ली ।
अदालत का अपराध की कमाई के खाते कुर्क करने का आदेश
परिवादी की शिकायत पर थाना माढ़ोताल में अपराध क्रमांक 485/2025 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) धारा 243 (डिक्री या अदालत के आदेश के निष्पादन को विफल करने के लिए संपत्ति को छिपाना या ट्रांसफर करना) धारा 244 (झूठे दावे या अवैध तरीके से संपत्ति पर अधिकार जताना) के तहत चालान कोर्ट में पेश किया कोर्ट ने माना कि आरोपियों ने अदालत की डिक्री का उल्लंघन कर अवैध रूप से लाभ कमाया है। इसलिए, जमीन बेचकर कमाए गए ₹2.89 करोड़ ‘अपराध का आगम’ (Proceeds of Crime) हैं।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता , 2023 की धारा 107 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए कोर्ट ने तीनों आरोपियों के मोबाइल नंबरों (99933020505, 9039299570, 6261146392) से जुड़े बैंक खातों में ₹2.89 करोड़ तक की राशि को तत्काल होल्ड और कुर्क करने के निर्देश दिए। अदालत ने इस मामले में आरोपियों पर आरोप तय करने और तर्कों को सुनने के लिए 18 जून 2026 की अगली तारीख नियत की है।



