जबलपुर दर्पण

रादुविवि में लोकपाल-एसजीआरसी व्यवस्था पर यूजीसी सख्त, कुलगुरू व कुलसचिव को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

जबलपुर दर्पण । रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) में छात्र शिकायत निवारण व्यवस्था से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) तक पहुंच गया है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए यूजीसी के राज्य विश्वविद्यालय अनुभाग (State University Bureau) ने विश्वविद्यालय के कुलगुरू एवं कुलसचिव को पत्र जारी कर मामले में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने तथा शिकायतकर्ता और आयोग दोनों को कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता अदनान अंसारी ने 6 जुलाई 2026 को यूजीसी के वरिष्ठ अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से विस्तृत शिकायत प्रेषित की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में यूजीसी (छात्रों की शिकायतों का निवारण) विनियम, 2023 का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं किया जा रहा है। साथ ही, मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 2 फरवरी 2026 को जारी निर्देशों में उल्लिखित अनिवार्य वैधानिक प्रावधानों के समुचित पालन पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। शिकायत के अनुसार विश्वविद्यालय ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर केवल छात्र शिकायत निवारण समिति (एसजीआरसी) से संबंधित एक सामान्य अधिसूचना प्रकाशित कर औपचारिकता का निर्वहन किया, जबकि विनियमों के अनुरूप लोकपाल एवं एसजीआरसी की संरचना, कार्यप्रणाली, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, संपर्क विवरण, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल की उपलब्धता, विद्यार्थियों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार तथा अन्य आवश्यक वैधानिक सूचनाओं के प्रकाशन एवं प्रभावी क्रियान्वयन जैसे प्रावधान अब तक पूर्ण रूप से लागू नहीं किए गए।

सूत्रों के अनुसार, शिकायत यूजीसी सचिव प्रो. श्यामा रथ के कार्यालय पहुंचने के बाद इसे राज्य विश्वविद्यालय अनुभाग को अग्रेषित किया गया। इसके बाद 7 जुलाई 2026 को अनुभाग ने विश्वविद्यालय के आधिकारिक ई-मेल एवं कुलसचिव कार्यालय को पत्र भेजकर निर्देशित किया कि शिकायत में उठाए गए बिंदुओं पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा उसकी जानकारी शिकायतकर्ता और यूजीसी दोनों को उपलब्ध कराई जाए।

उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों में छात्रों की शिकायतों के समयबद्ध एवं निष्पक्ष निराकरण के लिए लोकपाल एवं छात्र शिकायत निवारण समिति की व्यवस्था अनिवार्य की है। वहीं, मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने भी 2 फरवरी 2026 को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को यूजीसी विनियम-2023 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद शिकायत में रादुविवि में आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रश्न उठाए गए हैं।

गौरतलब है कि बीते माह विश्वविद्यालय से जुड़े एक अन्य मामले में राष्ट्रपति सचिवालय ने भी प्राप्त शिकायत पर संज्ञान लेते हुए उसे मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रेषित किया था। ऐसे में अब यूजीसी स्तर से जारी निर्देशों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

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