कटनी दर्पण

स्लीमनाबाद टनल का निरीक्षण करते मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव 11.952 सबसे लंबी देश की टनल का कार्य, विधायक द्वारा पुष्प गुच्छ भेंट कर जताया आभार

मनीष श्रीवास कटनी जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश के कटनी जिले अंतर्गत आने वाली बहोरीबंद विधानसभा सीमा स्लीमनाबाद में टनल का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के मुखिया डॉ मोहन यादव ने बारीकी से किया। ये टनल 11.952 सबसे लंबी देश की टनल का कार्य सफ़लता पूर्वक किया हैं।
इस पूरे अनुबंध का 96.66 प्रतिशत भौतिक कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। अब परियोजना के तहत आने वाली 12.135 किलोमीटर लंबी ओपन कट नहर और 11.952 किलोमीटर लंबी मुख्य ऐतिहासिक जल-सुरंग का भौतिक निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। देखा जाए तो इस निर्माण कार्य को कट एंड कवर तकनीक से बनाई जा रही। जिसकी 0.913 किलोमीटर नहर का भी 0.725 किलोमीटर हिस्सा पूरा कर लिया गया है ।अब केवल नाममात्र का 0.188 किलोमीटर का काम शेष है, जिसे अंतिम लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
विंध्य और महाकौशल के इन 5 जिलों में समृद्धि का कार्य –
यह विशाल जल-सुरंग देश की पहली ऐसी इंजीनियरिंग मिसाल बनने जा रही है, जहां 10.14 मीटर व्यास की टनल से लाखों क्यूसेक नर्मदा जल बिना किसी बिजली या भारी पंपों के, केवल प्राकृतिक गुरुत्वाकर्षण यानी ग्रेविटी फ्लो के सहारे बहेगा। बरगी दायीं तट मुख्य नहर के माध्यम से जबलपुर, कटनी, सतना, मैहर, रीवा और पन्ना जिलों के लगभग 1450 गांवों की 2 लाख 45 हजार हैक्टेयर भूमि हमेशा के लिए सिंचित हो जाएगी। जैसे ही टनल के क्रियाशील होते ही इसके सीधे कमांड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कटनी जिले की 21 हजार 823 हैक्टेयर, मैहर जिले की 54 हजार 227 हैक्टेयर, सतना जिले की 1 लाख 4 हजार 970 हैक्टेयर, रीवा जिले की 3 हजार 84 हैक्टेयर और पन्ना जिले की 448 हैक्टेयर पड़ी भूमि को हरा-भरा जीवन मिल सकता हैं।
समयबद्ध रोड़मैप का कार्य –
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में टनल के बाद के सभी आठ ग्रुपों का काम इस समय पूरी ताकत से चल रहा है। इस सजग मॉनिटरिंग के चलते मार्च 2026 तक ही 44 हजार 160 हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता को धरातल पर उतारकर किसानों को लाभान्वित करना शुरू किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा इस अनुबंध का पूरा रोडमैप भी तैयार कर लिया है। जिसके तहत आगामी दिसंबर 2026 तक 87 हजार 433 हेक्टेयर और दिसंबर 2027 तक लगभग 1 लाख 54 हजार 693 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा स्लीमनाबाद की एक टनल का निरीक्षण विंध्य के माथे पर हमेशा के लिए खुशहाली और समृद्धि का तिलक लगाने का एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ।

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